khushi Murder Case: मेरठ में 12वीं की छात्रा खुशी की हत्या ने सभी को झकझोर दिया। मामा-मौसी ने पिता और सौतेली मां पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए पूरा मामला और चौंकाने वाले खुलासे।
"साल 2017 में उन्होंने हमारी बहन प्रीति को हमसे छीना था, और अब हमारी मासूम भांजी खुशी को भी मार डाला…" यह कहते हुए हापुड़ के पन्नापुरी निवासी भूपेंद्र शर्मा का गला रुंध गया। मेरठ की गोकुलधाम सोसाइटी में हुई 12वीं की छात्रा खुशी की हत्या के बाद, उसके ननिहाल पक्ष यानी मामा भूपेंद्र और मौसी ने हैरान करने वाले खुलासे किए हैं।
वारदात के बाद जब खुशी के मामा और मौसी गोकुलधाम सोसाइटी में सच का पता लगाने पहुंचा, तो वहां के निवासियों ने जो बातें बताईं, उसने पिता कपिल और सौतेली मां पिंकी की क्रूरता का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया।
खुशी के मामा भूपेंद्र शर्मा और मौसी ने बताया कि सीसीटीवी जांच के सिलसिले में जब वे सोसाइटी पहुंचे तो एक पड़ोसी महिला ने बताया कि अपने बच्चे के जन्मदिन पर उन्होंने खुशी को भी बुलाया था। उस दौरान उन्होंने खुशी की आंख पर चोट का निशान देखा। सौतेली मां पिंकी ने बाथरूम में फिसलने की बात कही, लेकिन जब अकेले में खुशी से पूछा गया तो उसने बताया कि घर में रखा एक कछुए का खिलौना गलती से उसके हाथ से टूट गया था। इस मामूली बात पर उसके पिता और सौतेली मां ने उसे डंडे और बेलन से बेरहमी से पीटा था और तीन दिन तक भूखा रखा था।
एक दूसरी महिला ने बताया कि कपिल और पिंकी अपनी दुनिया में मस्त रहते थे। जब भी दोनों बाहर घूमने जाते तो खुशी को फ्लैट के अंदर कर बाहर से ताला बंद करके छोड़ जाते थे। इसके बावजूद, वह इतनी संस्कारी और मिलनसार बच्ची थी कि जब भी कोई गेट के सामने से गुजरता, वह खिड़की या दरवाजे से सबको मुस्कुराकर प्रणाम करती थी।
भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी खुशी को ननिहाल में या किसी से भी बात करने के लिए मोबाइल नहीं देते थे। वह पूरी तरह से कैद में थी। लेकिन वह किसी तरह स्कूल में या स्कूल बस के कर्मचारियों से फोन मांगकर हमसे संपर्क करती थी।
मौसी ने बताया कि हमारे पास एक ऑडियो है जिसमें खुशी स्कूल बस से हमसे बात कर रही है। वह रोते हुए कह रही थी कि उस पर जबरन शादी करने का दबाव बनाया जा रहा है और उसकी जान को खतरा है। मैंने उसे ढांढस बंधाया था और कहा था कि तू हिम्मत रख और किसी तरह भागकर हापुड़ हमारे पास चली आ… लेकिन हमें क्या पता था कि वे उसे भागने का मौका ही नहीं देंगे।
मामा भूपेंद्र शर्मा ने अतीत के पन्ने पलटते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में उनकी बहन प्रीति की शादी कपिल से हुई थी। 2017 में प्रीति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत से पहले प्रीति ने अपनी मां (खुशी की नानी) को एक पत्र लिखा था, जिसमें ससुराल में हो रहे उत्पीड़न का जिक्र था। प्रीति की मौत के महज छह महीने बाद कपिल ने पिंकी से दूसरी शादी कर ली।
ननिहाल पक्ष का कहना है कि करीब दो साल पहले पिंकी की एक बेटी हुई थी, जिसकी मात्र 7 महीने की उम्र में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पिंकी चाहती थी कि उसके बेटा हो, इसलिए वह पहली पत्नी की बेटी खुशी से नफरत करती थी और कपिल को उसके खिलाफ भड़काती रहती थी।ा
उत्तर प्रदेश के मेरठ में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली खुशी उर्फ खुशबू की उसके अपने पिता और सौतेली मां ने बेरहमी से हत्या कर दी। मंगलवार की तड़के लगभग चार बजे जब वह गहरी नींद में थी, तब पिता कपिल शर्मा ने उसके चेहरे पर तकिया रखकर दबाए रखा और सौतेली मां पिंकी ने उसके पैर पकड़ लिए। जब तक बच्ची की सांसें पूरी तरह नहीं रुक गईं, आरोपी तब तक वैसे पकड़े रखे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
मामला भावनपुर थाना क्षेत्र की गोकुलधाम सोसाइटी का है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे तीन दिनों से इस वारदात को अंजाम देने का मौका ढूंढ रहे थे। कपिल परतापुर स्थित एक डेयरी प्लांट में रात की ड्यूटी करता था। सोमवार की रात जब वह काम से लौटा। उसने देखा कि सोसाइटी के सुरक्षाकर्मी सो रहा है। इस पर उसने पिंकी को इशारा किया और दोनों ने मिलकर खुशी की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपी खुशी के शव को कार में रखकर कपिल के पिता जगमोहन शर्मा के घर ले गए और फिर परिजनों को साथ लेकर बृजघाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। जैसे कुछ हुआ ही न हो।