कंकरखेड़ा से लेकर सूरजकुंड तक शहीद के शव के साथ लोगों का भारी हुजूम चला मुस्लिम महिलाओं ने लगाए मेजर केतन अमर रहे और भारत माता की जय के नारे शहीद की मां ने कहा, सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए कि किसी और का लाल शहीद न हो
मेरठ। शहीद मेजर केतन शर्मा के पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही उनको श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ लग गई थी। मंगलवार शाम को अंतिम क्रिया के लिए सूरजकुंड ले जाते समय भी जनसैलाब देश के इस वीर सपूत के साथ-साथ चलता रहा। कंकरखेड़ा से लेकर सूरजकुंड तक केतन के शव के साथ लोगों का भारी हुजूम चलता रहा। इस दौरान कुछ मुस्लिम महिलाएं भी केतन की अंतिम यात्रा में उनको श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। उन्होंने मेजर केतन अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगाए।
महिलाओं ने की यह मांग
ये महिलाएं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की संयोजक शाहीन परवेज के नेतृत्व में पहुंची थीं। इन सभी ने शहीद केतन को अंतिम विदाई दी। शाहीन परवेज ने कहा कि हम कब तक अपने सपूतों को इसी तरह तिरंगे में लपेट कर उनको दुनिया से रुखसत करते रहेंगे। अब समय आ गया है पाकिस्तान को सबक सिखाने का। शहीद मेजर केतन शर्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा, विधायक जितेंद्र सतवाई, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, डीएम अनिल ढींगरा व एसएसपी नितिन तिवारी भी सूरजकुंड पहुंचे थे।
पाकिस्तान को जवाब देने की मांग की
वहीं, शहीद की मां ने सरकार से गुहार लगाई है कि कुछ ऐसा कदम उठाया जाए, जिससे किसी और का लाल शहीद न हो। केतन की मां के साथ ही उनकी बहन का स्वास्थ्य खराब होने पर सेना के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। प्रदेश प्रदेश सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद पर उनका कहना है कि कोई मेरा बेटा वापस लौटा तो हम 50 लाख रुपये देंगे। सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए कि किसी और का लाल शहीद न हो। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को पाकिस्तान की कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। आपको बता दें कि सोमवार को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें मेरठ निवासी मेजर केतन शर्मा शहीद हो गए थे।