मेरठ

पढ़ने-लिखने के बाद नौकरी नहीं मिली तो चुन ली यह राह, इन्हें बनाते थे अपना शिकार

अापराधिक घटनाआें को अलग तरीके से अंजाम देते थे
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Jun 10, 2018
meerut
पढ़ने-लिखने के बाद नौकरी नहीं मिली तो चुन ली यह राह, इन्हें बनाते थे अपना शिकार

मेरठ। पढ़े-लिखे नौजवानों के लिए बेरोजगारी में खुद को संभाल पाना बहुत मुश्किल होता है। इस दौरान एक बार कदम अगर बहके तो फिर उसको संभालना बहुत ही मुश्किल होता है। पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए शातिर लुटेरों की कहानी जानकार तो यही महसूस होता है।

पुलिस आैर लुटेरों की मुठभेड़

शनिवार की रात सरूरपुर पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस ने चार शातिर लुटेरों को दबोचने का दावा किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी व लूट की चार बाइक, जेवरात, नकदी और अवैध असलाह बरामद हुआ है। पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी राजेश कुमार पांडे और एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि एसओ सरूरपुर ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए जंगल में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने मुठभेड़ के बाद रवि पुत्र कालू शर्मा निवासी रासना, मोहित पुत्र बलजोर निवासी पथौली, कृष्ण कश्यप पुत्र जीत सिंह निवासी रामपुर मोती और मोहित पुत्र नरेन्द्र उर्फ बब्बू निवासी रामपुर मोती को गिरफ्तार किया। चारों बदमाश सरूरपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। आरोपियों का कहना था वे सभी इंटर और बीए पास हैं उन्हें नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने अपराध का रास्ता अपना लिया। एक बार इस रास्ते पर चले तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपराध की दुनिया में चारों बेहद शातिर किस्म के लुटेरे बन गए। इन युवकों के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्जनों मुकदमें कायम हैं। बदमाशों ने लूट की कई घटनाओं में अपना हाथ बताया। आरोपियों के कब्जे से बपारसी में किसान से लूटी गई टीवीएस बाइक सहित चार बाइक, सरधना, सरूरपुर व जानी में लूटे गए जेवरात, 12500 की नकदी और तमंचे व कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपियों को जेल भेजा गया है।

बस एक-दो घंटे के लिए निकलते थे

सीओ सरधना संतोष कुमार ने बताया कि इन लुटेरों का अपराध करने का तरीका बेहद अलग था। ये लोग एक-दो घंटे के लिए सड़क पर निकलते थे और अपराध कर अपने घर लौट जाते थे। इनका निशाना छोटे लोग न होकर बड़े लोग हुआ करते थे। जिनसे एक बार की लूट में ही मोटी रकम प्राप्त हो सके।

Published on:
10 Jun 2018 07:18 pm