मेरठ

मेरठ रेंज की मस्जिदों और मदरसों पर कड़ी निगरानी, 100 से ज्यादा छुपे जमातियों की तलाश

Highlights मेरठ रेंज से निजामुद्दीन जमात में शामिल हुए थे 49 लोग पुलिस ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से सहयोग करने की अपील की एडीजी ने कहा- स्वेच्छा से आगे नहीं आए तो कड़ी कार्रवाई  
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Apr 01, 2020
meerut

मेरठ। निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज की लापरवाही के मामले में बुधवार को कई अहम खुलासे हो रहे हैं। मरकज से बाहर निकले 210 विदेशियों की तलाश में खुफिया और यूपी पुलिस जुट गई है। मेरठ रेंज में भी अलर्ट कर दिया गया है। मेरठ रेंज में 100 से अधिक विदेशियों के छुपे होने की सूचना है। रेंज की प्रमुख मस्जिदों और मदरसों पर निगाह रखी जा रही है। बता दें कि मेरठ रेंज में आने वाले जनपदों से जमात में 49 लोग शामिल हुए थे। जिनकी पहचान कर ली गई है। इनमें 28 सहारनपुर जोन से हैं।

बता दें कि दिल्ली स्थित मरकज भवन में 1500 से 1700 लोग एकत्र हुए थे। इसमें से 1033 लोगों को अब तक निकाला गया है। इनमें से 335 को अस्पताल भेजा गया है और करीब 700 को पृथक केंद्र भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, ख्वाजा निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के नजदीक मरकज में कई सभाएं हुईं। जिनमें सऊदी अरब, इंडोनेशिया, दुबई, उज्बेकिस्तान और मलेशिया समेत अनेक देशों के मुस्लिम धर्म प्रचारकों ने भाग लिया था।

अब तक 24 लोग कोरोना पॉजिटिव

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मरकज में शामिल होने वाले लोगों में से 24 को कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। जिसको लेकर हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इन 24 लोगों के संपर्क में भी सैकड़ों लोग आए हैं जो कि देशभर में फैल गए हैं। इनमें से करीब 100 मेरठ रेंज में हैं। जिनकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है।

रेंज के जनपदों पर रखी जा रही नजर

हाई अलर्ट पर रखे गए जिलों के पुलिस प्रमुखों को जमात में भाग लेने वाले लोगों की पहचान कर उनकी मेडिकल जांच कराने के लिए कहा गया है। इस बारे में एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार का कहना है कि निजामुद्दीन में तब्लीगी जलसे में शामिल होने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। हमने धर्मगुरूओं से अपील की है कि वे भी इस काम में हमारा सहयोग करें। लोग स्वेच्छा से आगे आएं। प्रशासन किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करेगा। अगर पुलिस ने ऐसे लोगों की तलाश की और फिर पकड़ में आए तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
01 Apr 2020 07:14 pm