राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य कुमारी सैय्यद शहजादी ने मुसलमान युवाओं पर बयान दिया है। उन्होंने दारुल उलूम देवबंद के फैसले पर भी प्रक्रिया दी।
बागपत पहुंचीं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य सैय्यद शहजादी ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद के फैसले के बारे में पता चला है। इस मामले में सीधे तौर पर कुछ नहीं कह सकते।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को दाढ़ी कटवाने पर निकाला जाएगा तो शिकायत पर हम कार्रवाई करेंगे। सैय्यद शहजादी ने कहा कि देश में लोकतंत्र है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते है कि हर किसी को न्याय मिलना चाहिए।
किसी को लगता है कि अल्पसंख्यक होने के कारण उसके साथ अन्याय हो रहा है और उसे दाढ़ी कटवाने पर निष्कासित किया जाता है। ऐसे में वह हमारे पास शिकायत करे।
वहां के डीएम व एसपी से इस बारे में पूछा जाएगा। आखिर ऐसा क्यों हुआ है। इसके साथ मामले में आयोग की बैठक करके फैसला लिया जाएगा।
मदरसों को सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरी
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य कुमारी सैय्यद शहजादी ने कहा कि मदरसों को सरकारी योजनाओं का लाभ के लिए लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि मदरसों में शिक्षा ग्रहण करने वालों के एक हाथ में कुरान शरीफ और दूसरे में कंप्यूटर रहे। वह मॉडल शिक्षा ग्रहण करें, जो आज के दौर में जरूरी है। इसलिए मदरसों का ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण कराना जरूरी है।