निष्क्रिय कार्यकर्ताआें को सबक दे रही बसपा सुप्रीमो
मेरठ। मिशन 2019 की तैयारी में जुटी बसपा सुप्रीमो मायावती किसी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। मिशन 2019 की रफ्तार उन्होंने पहले से तेज कर दी है। उनकी पार्टी में सक्रियता और कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों की माॅनिटरिंग से भी पता चल रहा है। जो भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी थोड़ी बहुत ही निष्क्रियता दिखा रहा है। मायावती उस पर एक्शन लेने में जरा भी नहीं चूक कर रही।
मेरठ में जिलाध्यक्ष को हटाया
कुछ इसी तरह की कार्रवाई उन्होंने मेरठ के जिलाध्यक्ष मोहित जाटव पर कर डाली। मेरठ से मिल रही सूचनाएं और मोहित के निष्क्रियता के चलते पार्टी ने उन्हें हटा दिया है। मोहित की जगह अब सुभाष प्रधान नए जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले मेरठ में हुई बसपा की रैली में भीड़ देखकर मायावती गदगद हुई थी। उस दौरान मायावती को बताया गया था कि यह भीड़ सुभाष प्रधान की है। सुभाष प्रधान उस समय बसपा में महासचिव पद पर तैनात थे।
जिलाध्यक्ष की निष्क्रियता की शिकायत ऊपर तक
बसपा के जिलाध्यक्ष मोहित जाटव की निष्क्रियता की शिकायत बसपा सुप्रीमो मायावती तक पहुंच चुकी थी। दलित समुदाय का आरोप था कि जिलाध्यक्ष ने उनका साथ नहीं दिया। बीती दो अप्रैल को मेरठ बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद जो दलित पीड़ित हुए थे। बसपा जिलाध्यक्ष उनके बीच नहीं गए थे और न पीड़ितों की कोई मदद कर रहे थे। इसके अलावा वे पार्टी के लिए भी पूरी तरह से सक्रिय नहीं थे। पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में देरी से पहुंचना और क्षेत्र की स्थिति से पूरी तरह से अपडेट न होना भी उन्हें हटाने का प्रमुख कारण रहा है।
जिलाध्यक्ष को हटाकर दिया संदेश
पश्चिम उप्र प्रभारी शमसुद्दीन राइन ने बताया कि इससे बहन जी ने उन लोगों को संदेश दिया है जो लोग पार्टी में पूरी तरह से सक्रिय होकर काम नहीं कर रहे हैं। बहन जी मिशन 2019 में कोई लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। जो भी पार्टी में सक्रिय रहकर काम नहीं करेगा। बहन जी उसे बर्दाश्त नहीं करेंगी।