मेरठ

दिल्ली-जालंधर एक्सप्रेस में बंदर ने एेसा मचाया उत्पात कि यात्रियों के साथ रेल अफसरों के भी छूट गए पसीने

मुजफ्फरनगर से मेरठ तक यात्रियों के साथ सफर किया बंदर ने, मेरठ में केला दिखाकर बाहर निकाला    

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Nov 23, 2018
meerut
दिल्ली-जालंधर एक्सप्रेस में बंदर ने एेसा मचाया उत्पात कि यात्रियों के साथ रेल अफसरों के भी छूट गए पसीने

मेरठ। दिल्ली- जालंधर सुपर एक्सप्रेस ट्रेन में एक बंदर ने इतना उत्पात मचाया कि मुजफ्फरनगर से मेरठ तक डिब्बे में बैठे यात्री सहमे बैठे रहे। इसके बाद जब ट्रेन मेरठ कैंट आैर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंची, तब भी बंदर का उत्पात जारी रहा। रेल अफसरों के पसीने छूट गए। बड़ी मुश्किलों के बाद बंदर को यहां ट्रेन से उतारा गया। बंदर के उत्पात के कारण ट्रेन की रवानगी में करीब पांच मिनट देरी हुर्इ। हालांकि इस दौरान ट्रेन के लोकाे पायलट ने वायरलेस मेरठ कैंट रेलवे स्टेशन को सूचना दे दी थी, इसके बावजूद बंदर को ट्रेन से बाहर निकालने में मशक्कत करनी पड़ी।

ट्रेन के स्लीपर कोच में घुस गया

गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे दिल्ली-जालंधर सुपर एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर पहुंची थी। ट्रेन जैसे ही मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से चली तो इसके स्लीपर कोच में अचानक एक बंदर जा घुसा। शुरू में यात्रियों ने इसे कोच से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन बंदर नहीं गया। इतने में ट्रेन चल पड़ी। यात्रियों ने उसे फिर वहां से निकालने के लिए डराने की कोशिश की तो बंदर के झपट्टा मारने से सभी यात्री सहम गए। मुजफ्फरनगर से मेरठ तक के 40 मिनट के सफर में यात्री सहमे बैठे रहे। लोको पायलट ने वायरलेस से मेरठ में ट्रेन में बंदर होने की सूचना दे दी थी। इसके बाद जब ट्रेन मेरठ कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची, तो बंदर को कोच से निकालने की काेशिश की गर्इ, लेकिन बंदर बाहर नहीं निकला।

केला दिखाया तो बाहर आया बंदर

कैंट स्टेशन से जब ट्रेन मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पहुंची तो यहां भी बंदर ही रहा। इतने में रेलवे अफसर भी यहां पहुंच गए, बंदर को बाहर निकालने में उनके भी पसीने छूट गए। इसके बाद प्वाइंटमैन ने आपातकालीन खिड़की से बंदर को केला दिखाया। केला देखते ही बंदर कोच से बाहर आ गया। केला लेने के बाद भी बंदर ने सिटी रेलवे स्टेशन पर खूब उछल-कूद की, इससे यहां मौजूद यात्रियों में चीख-पुकार मचती रही।

इन्होंने एेसा कहा

ट्रेन में बंदर की सूचना मिलने के बाद भी ट्रेन में यात्री करीब 40 मिनट सहमे हुए बैठे रहे। जबकि रेलवे प्रशासन की आेर से बीच में पड़े किसी भी स्टेशन पर ट्रेन रोककर उसे उतारने की कोशिश नहीं की। मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा का कहना है कि हमें कंट्रोल से सूचना मिल गर्इ थी, इसके बाद रेलवे प्वाइंटमैन की ड्यूटी लगार्इ गर्इ।

Published on:
23 Nov 2018 03:30 pm
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