पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, इस घटना से सभी हैं हतप्रभ
मेरठ। रात अपने कमरे में सो रही थी छात्रा। परिजनों से भी उसकी कोई अनबन या किसी तरह की कोई बात नहीं हुई थी। पिता ने रात को दस बजे उससे पानी मांगकर पिया था। तब तक भी उसके हावभाव से किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं झलक रही थी, लेकिन फिर रात में ऐसा क्या हो गया जो उसने ऐसा कदम उठा लिया। परिजनों का कहना है कि रात में पढ़ाई के दौरान वह अपना मोबाइल भी अपने पास नहीं रखती थी। रात में देर तक पढ़कर अपनी परीक्षा की तैयारी में जुटी हुई थी। शुक्रवार की सुबह जब वह नहीं जागी तो परिजनों ने सोचा देर रात तक पढ़ी है तो आराम से उठ जाएगी। दस बजे तक भी छात्रा के कमरे में कोर्इ हलचल नहीं हुई तो मां ने खिड़की से झांककर देखा तो उनकी चीख निकल गई।
दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली
मेडिकल थाना क्षेत्र में एक बैंक कैशियर की पुत्री ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर परिवार के लोगाें में कोहराम मच गया। एसओ मेडिकल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार जाग्रति विहार में कालियागढ़ी के निकट रहने वाले महीपाल यूनियन बैंक में कैशियर हैं। महीपाल की 24 वर्षीय पुत्री प्रीती एमएससी और बीएड की छात्रा थी। परिजनों ने बताया कि रात प्रीती अपने कमरे में पढ़ाई करते-करते सो गई। सुबह काफी देर तक प्रीती के कमरे का दरवाजा न खुलने पर परिजनों ने उसे आवाज दी तो भीतर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर परिवार के लोगों ने खिड़की से भीतर झांका। कमरे में पंखे से प्रीती का शव लटका देख परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
मौके पर पहुंची पुलिस ने दुपट्टे में बंधे शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पिता ने बताया कि प्रीती को कोई परेशानी नहीं थी। बताया जाता है कि महीपाल पहने सेना में था। रिटायरमेंट के बाद उसने यूनियन बैंक में गार्ड की नौकरी की और प्रमोशन के बाद कैशियर बना था। क्षेत्रवासियों के मुताबिक मृतका के परिवार में भी कोई कलह नहीं थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।