Muslim youth made bulldozer kanwar मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन से प्रभावित होकर मेरठ के कांवड़ बनाने वाले मुस्लिम कारीगरों ने बुलड़ोजर कांवड़ बनाई है। इस बुलडोजर कांवड़ की इस बार कांवड़ियों में अधिक डिमांड है। सदर स्थित कांवड़ बनाने वाले कारीगरों के पास मेरठ ही नहीं आसपास के जनपदों से भी बुलड़ोजर कांवड़ बनाने की डिमांड आ चुकी है। यानी इस बार कांवड़ यात्रा में बुलडोजर कांवड़ की धूम होगी।
Muslim youth made bulldozer kanwar सावन का महीने में शिवरात्रि पर्व से पहले होने वाली कांवड़ यात्रा सामाजिक सौहार्द्र की अनोखी मिसाल है। भगवान शिव के इस प्रिय महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा में कांवडियों के कंधे पर जो कांवड़ गंगाजल से भरी होती है। उसको मुस्लिम कारीगर बनाते हैं। मेरठ में कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोग कांवड़ बनाने का काम करते हैं। पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित थी। इस कारण से कोई भी शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए नहीं गया। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण कम हुआ तो कांवड़ यात्रा से भी प्रतिबंध हटा लिया गया है। कांवड़ यात्रा से प्रतिबंध हटा तो हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय में हर्ष है।
हिंदू समुदाय में इस कारण से उत्साह है कि इस बार वो हरिद्वार से गंगा जल लेकर आएंगे और शिव पर जलाभिषेक करेंगे। वहीं मुस्लिम समुदाय में इसलिए उत्साह है कि उनको कांवड़ बनाने का बड़ा आर्डर मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। गत 14 जुलाई से सावन की शुरूआत से ही कांवड़ यात्रा भी प्रारंभ हो गई है। कांवड यात्रा के दौरान लोग तरह—तरह की कांवड़ बनाते हैं। कांवड़ लोगों के आकर्षण का केंद्र भी होती हैं। आकर्षक कांवड़ लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
इस बार मेरठ में मुस्लिम समाज के लोगों ने योगी की बुलडोजर नीति से प्रभावित होकर बुलडोजर कांवड़ का निर्माण किया है। इस बार कांवड़ यात्रा में बुलडोजर कांवड़ चर्चा में है। मुस्लिम संप्रदाय के युवकों द्वारा बनाई गई ये बुलडोजर कांवड़ जो भी देख रहा है वो तारीफ कर रहा है। वहीं कई अन्य जनपदों से भी लोगों ने बुलडोजर कांवड़ बनाने के आर्डर दिए हैं। बुलडोजर कांवड़ (Bulldozer Kanwar) जो भी देख रहा है वो उसकी तारीफ ही कर रहा है।