Highlights थाना सिविल लाइन में तैनात हैं अब्दुल रहमान घर पर भी परंपरागत तरीके से की पूजा-अर्चना पत्नी के साथ घर को सजाया और दिवाली मनाई
मेरठ। त्योहार कोई भी हो मजहब की दीवारों को लांघ ही जाते हैं। अगर दिल में पर्व मनाने की उमंग है तो इन्हें मनाने में कोई जाति या धर्म की दीवार आड़े नहीं आती। समय-समय पर ऐसे वाकये होते रहे हैं जब हिन्दू भाई ईद को बड़ी संजीदगी के साथ मनाते हैं और मुस्लिम भाइयों के घर जाकर ईदी लेते हैं और सिवाइयां खाते हैं। वहीं मुस्लिम भी होली, दीपावली और अन्य पर्व को बड़ी जोश के साथ मनाते हैं। इस बार दिवाली के मौके पर एक मुस्लिम थानेदार ने जब थाने और अपने घर में खुशियों के दीप जलाए तो सभी उनकी तारीफ करने लगे।
इस दौरान थानेदान अब्दुल रहमान सिद्दीकी ने दीप पर्व को धूमधाम से मनाया। अब्दुल जिस समय दीप प्रज्ज्वलित कर रहे थे तो उनकी पत्नी ने भी अपने घर को दीपों से रोशन किया। अब्दुल रहमान का कहना था कि अलग मजहब के हैं तो क्या हुआ है तो भारतीय ही न। एक भारतीय होने के नाते हम सबको सभी धर्मों के पर्वों को उत्साह और उमंग के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिवाली हो या ईद, वे सभी पर्वों को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस दौरान उन्होंने अपने घर पर भी दिवाली के मौके पर पत्नी के साथ दीपक जलाए और पूजा-अर्चना की।