Highlights पुलिस अफसरों ने मुस्लिम धर्मगुरुओं और गणमान्य लोगों के साथ तैयार किया था प्लान खुली जीप में पुलिस अफसरों के साथ निकले मुस्लिम नेता और लोगों से की अपील शहर के संवेदनशील इलाकों में चप्पे-चप्पे पर तैनात किया था फोर्स, शांतिपूर्ण रही स्थिति
मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर आज जुमे की नमाज (Jume Ki Namaz) के दौरान कोई बवाल नहीं हो, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। डीएम अनिल ढींगरा (DM Anil Dhingra) और एसएसपी अजय साहनी (SSP Ajay Sahni) ने मुस्लिम धर्म गुरुओं और गणमान्य लोगों के साथ किसी भी बवाल को रोकने के लिए प्लान तैयार किया था। पिछली जुमे की नमाज के दौरान बाहरी लोगों के बवाल में शामिल होने की बात सामने आयी थी और बवाल के दौरान अचानक गली-मोहल्ले से काफी भीड़ सड़कों पर उतर आयी थी और जमकर बवाल मचाया था। इस बार पुलिस प्रशासन ने गली-मोहल्ले से लेकर सड़कों पर कड़ी निगरानी रखी।
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि गली-मोहल्लों में वहां के पार्षद और गणमान्य लोगों को अपने-अपने यहां निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। इस पर जबरदस्त तरीके से काम किया गया। मुस्लिम धर्मगुरुओं और गणमान्य लोगों के साथ सभी अधिकारियों ने लोगों से अपील की। बाहरी लोगों के बवाल पर शामिल होने पर एसएसपी ने बताया कि इसकी जांच चल रही है, लेकिन इस बार गली-मोहल्लों के गणमान्य लोगों को ये जिम्मेदारी सौंपी गई और कोई भी बाहरी व्यक्ति के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को जानकारी देने के लिए कहा गया था। इसका फायदा ये हुआ कि बाहरी लोगों का जमावड़ा नहीं हो सका।
जुमे की नमाज पर पिछली बार की तरह कोई बवाल न हो, इसके लिए संवेदनशील इलाकों में काफी संख्या में फोर्स तैनात किया गया था। एसएसपी ने बताया कि छह कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स इन इलाकों में लगाया गया था। इनके अलावा कई थानों की पुलिस भी संवेदनशील इलाकों में तैनात रही। जुमे की नमाज के शांतिपूर्ण होने और कोई बवाल नहीं होने पर सभी ने राहत की सांस ली, हालांकि पुलिस अफसर देर शाम तक सड़कों पर उतर फोर्स के साथ जायजा लेते रहे।