
Blue Drum Muskan Case Latest Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ हत्याकांड में नया अपडेट सामने आया है। आज (सोमवार, 4 मई) ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी, हेड मुहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर कोर्ट में पेश होंगे। यह आदेश न्यायालय ने बचाव पक्ष की अधिवक्ता की अपील पर दिया है। अदालत ने इन तीनों पुलिसकर्मियों को संबंधित रिकॉर्ड के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है, जिसमें थाने का CCTV फुटेज, वायरलेस संदेश और जीडी (रोजनामचा) का विवरण शामिल है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, इस मामले की सुनवाई जिला सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है। अब तक इस केस में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और गवाही का चरण पूरा हो चुका है। इसके बाद अब मुकदमा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 351 के तहत आगे बढ़ रहा है, जो पहले सीआरपीसी की धारा 313 के अंतर्गत आती थी।
आरोपी साहिल शुक्ला की ओर से पैरवी कर रही अधिवक्ता ने अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की थी ताकि वे अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत कर सकें। शुक्रवार को उन्होंने अदालत में चार नए साक्ष्य-गवाहों की सूची सौंपी। इस सूची में 18 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी से लेकर अगले दिन तक के घटनाक्रम से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
बचाव पक्ष ने थाने का सीसीटीवी फुटेज, एक सप्ताह का जीडी रिकॉर्ड और वायरलेस संदेशों का विवरण पेश करने की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू की जांच करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञ को भी गवाही के लिए बुलाने की अपील की थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकीलों ने बचाव पक्ष की इस मांग पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए अब नए साक्ष्य पेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आंशिक रूप से बचाव पक्ष की अपील स्वीकार कर ली। न्यायालय ने फोरेंसिक विशेषज्ञ को छोड़कर थाना प्रभारी, हेड मुहर्रिर और वायरलेस ऑपरेटर को तलब करने का आदेश दिया है।
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस थाने में एक साल से अधिक पुराना सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखा गया होगा या नहीं। यदि यह रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता है, तो बचाव पक्ष की रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं, यदि रिकॉर्ड मिल जाता है, तो यह केस की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है।
मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड की अगली सुनवाई और पेश किए जाने वाले रिकॉर्ड पर सभी की नजर टिकी हुई है। अदालत में पेश होने वाले दस्तावेज और पुलिसकर्मियों के बयान इस बहुचर्चित हत्याकांड के अंतिम निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।