मेरठ

यहां निकलती थी बाबा साहेब की सबसे बड़ी शोभायात्रा, कार्यक्रम में जुटे सिर्फ सात लोग, यह इसलिए हुआ…

चार अप्रैल को हुर्इ थी दलित नेता की हत्या, संगीनों के साये में रहा गांव, पार्क में हुआ कार्यक्रम  
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Updated: 15 Apr 2018, 1:33 PM IST
meerut

मेरठ। शोभापुर में इस बार अंबेडकर जयंती पिछले वर्षों की तरह नही मनार्इ गर्इ। मनाई गर्इ। दो अप्रैल को उपद्रव में बवालियों की लिस्ट में नाम आने के बाद हुए विवाद में चार अप्रैल को बसपा नेता गोपी पारिया की हत्या के बाद से गांव में तनावपूर्ण माहौल है। यहां चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। साथ ही यहां दो अप्रैल के बवाल में गंभीर जांच चल रही है।

गुर्जर आैर दलित बाहुल्य गांव में दलित डरे हुए हैं। उन्हें लग रहा था कि यदि शोभायात्रा या अन्य कार्यक्रम में यदि किसी ने कोर्इ शरारत कर दी तो पूरे दलित समाज को गिरफ्तारी या कुछ आैर कार्रवार्इ न देखना पड़े। कंकरखेड़ा-शोभापुर में हर साल शहर की सबसे बड़ी शोभायात्रा निकाली जाती है। इस बार गोपी पारिया की हत्या के बाद से यहां तनाव है। इसलिए यहां के लोगों ने क्षेत्र के पार्क में अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम रखा था, लेकिन बाबा साहेब को नमन करने के लिए भी यहां ज्यादा लोग नहीं पहुंचे। चर्चा रही कि सिर्फ सात लोग ही इस कार्यक्रम में पहुंचे। हालांकि जयंती से एक दिन पहले डीएम और एसएसपी ने शोभापुर को दौरा किया था। फिर भी अफसरों ने गांव को छावनी में तब्दील किए रखा। इस दौरान एसपी सिटी मानसिंह चौहान, एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, एसडीएम सदर अमिताभ यादव, सीओ दौराला पंकज कुमार व इंस्पेक्टर दीपक शर्मा मय फोर्स के गांव का भ्रमण करते रहे।

ऐसे रही पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था

अम्बेडकर जयंती के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में तीन कंपनी आरएएफ, पांच कंपनी पीएसी, आठ क्यूआरटी (पुलिस लाइन से 160 पुलिसकर्मी), तीन क्यूआरटी महिला पुलिसकर्मियों की लगाई गयी थी। एसएसपी ऑफिस, क्राइम ब्रांच व अन्य विभाग में तैनात 170 पुलिसकर्मियों के अलावा जनपद में तैनात 50 इंस्पेक्टर, 293 सब इंस्पेक्टर, 450 हेडकांस्टेबल, 2831 पुरूष कांस्टेबल, 11 महिला दरोगा और 457 महिला कांस्टेबल इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहे।

आला अधिकारी भी रहे सड़कों पर

वहीं 15 सीओ, एएसी कैंट, एएसपी रिजर्व पुलिस लाइन, एसपी ट्रेफिक, एसपी क्राइम, एसपी देहात, एसपी सिटी, एसएसपी, आईजी जोन, व एडीजी रेंज भी सड़कों पर रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कमिश्नर से लेकर डीएम, एडीएम सिटी समेत अन्य अधिकारी भी पुलिस के साथ गश्त करते रहे। उनके सर्किल में ऑफिसों में तैनात पुलिसकर्मी भी अधिकारियों के साथ घूमते रहे। सभी अधिकारियों ने संवेदनशील प्वाइंटों का निरीक्षण किया।

ऑफिसों में नहीं, सड़कों पर रहे पुलिसकर्मी

दो अप्रेल को कंकरखेड़ा बाईपास और कचहरी स्थित अम्बेडकर चौराहे पर सबसे अधिक उपद्रव हुआ था।अम्बेडकर जयंती पर इन्हीं स्थानों पर पुलिस का कड़ी सुरक्षा व्यवस्था दिखी। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस फोर्स यहां तैनात किया गया। शनिवार को किसी पुलिसकर्मी की डयूटी कार्यालय में नहीं लगाई गई, सभी की ड्यूटी सड़कों पर लगायी गयी थी। होमगार्ड भी सुरक्षा व्यवस्था बनाने में भूमिका निभाते रहे।

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