Online satta king number: 10 गुने के लिए 5 रु. से लेकर 20 हजार तक के दांव लग रहे थे ।
मेरठ। ऑनलाइन सट्टे का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। मेरठ में तो कई मोहल्लों में बाकायदा दुकानों को खोलकर इसका कारोबार किया जा रहा है। आरोप है कि ये कारोबार पुलिस की सरपरस्ती में चल रहा है। हां अगर किसी ने पुलिस को रकम देने में बेइमानी की तो उसकी खैर नहीं। सीधे छापा और फिर जेल। पुलिस की वाहवाही हुई अलग से। इसलिए ऑनलाइन सट्टे का कारोबार करने वाले पुलिस से चोरी करने की हिम्मत नहीं करते। टीपीनगर थाना पुलिस ने वेदव्यासपुरी कालोनी में छापा मारकर ऑनलाइन कैसिनो का भंड़ाफोड़ किया है। मौके से पुलिस ने कैसिनो में ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले एक दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ा है। पकड़े गए लोग बड़े घरों से भी हैं। ये सभी लोग सट्टा लगाने आए थे। छापेमारी में कैसिनो संचालक को भी पुलिस ने पकड़ा है।
कैसिनो संचालक ने बताया कि उसने एक महीने पहले ही कैसिनो शुरू किया है। वह पहले भी ब्रह्मपुरी थाने से जेल जा चुका है। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली रोड स्थित वेदव्यासपुरी कालोनी में एक दुकान पर ऑनलाइन कैसिनो चलने का पता लगा था। इसकी गुप्त रूप से जानकारी कराई गई तो सूचना सही पाई गई। इसके बाद गुप्त तरीके से टीम बनाकर बुधवार देर शाम को इस दुकान पर छापा मारा गया। दुकान जिस मार्केट में है, उसमें बाकी सभी दुकाने बंद थीं। बस यही एक दुकान खुली हुई थी। पुलिस ने जब दुकान के भीतर दबिश दी तो वहां पर एक दर्जन से अधिक लोग ऑनलाइन सट्टा लगा रहे थे।
सट्टा लगाने वाले सभी लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया। ऑनलाइन कैसिनो के संचालक ब्रह्मापुरी निवासी प्रियांश सिंघल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने स्वीकार किया कि वह ऑनलाइन कैसिनो में सट्टे का कारोबार करता है। इनके पास से पुलिस ने 18 मोबाइल, 12 कंप्यूटर, आठ बाइक, 30 हजार रुपये बरामद किए हैं। सभी पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यह भी देखें-online Satta King का UP के युवा खिलाड़ियों में बढ़ रहा सबसे ज्यादा क्रेज, देखें वीडियो
सट्टा लगाने वालों ने बताया कि उन्हें एक के बदले दस गुना मिलते थे। वे लोग काफी रुपये कमा भी चुके हैं। वह ऑनलाइन एक रुपया लगाते थे तो जीतने पर उन्हें 10 रुपये मिलते थे। सूत्रों की मानें तो मौके पर पुलिस ने काफी बड़ी रकम पकड़ी है, लेकिन दिखाई कम जा रही है। सट्टा लगाने वाले पांच रुपये से 20 हजार रुपये तक दांव पर लगाते थे।