
मेरठ। निर्भया (Nirbhaya) के चारों दरिंदों (Culprits) को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी (Hanging) देने के लिए पवन जल्लाद (Pawan Jallad) को तैयार किया जा रहा है। मेरठ जिला जेल (Meerut District Jail) में उसकी रोजाना हाजिरी होती है और उसकी काउंसिलिंग (Counseling) की जा रही है, ताकि पवन जल्लाद मानसिक रूप से फांसी देने के लिए तैयार हो सके। माना जा रहा है कि तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से कभी भी पवन जल्लाद को फांसी की रिहर्सल (Rehearsal) के लिए बुलाया जा सकता है। इसके लिए जिला जेल प्रशासन पवन जल्लाद को पूरी तरह तैयार करने में जुटा है।
जिला जेल में पवन जल्लाद की रोजाना हाजिरी होती है। साथ ही जेल प्रशासन ने पवन जल्लाद को शहर से बाहर जाने और रिश्तेदारी में जाने से मना कर रखा है, ताकि वह पूरी तरह मानसिक रूप से तैयार हो सके। लखनऊ जेल प्रशासन की ओर से एक टीम भी पवन की काउंसिलिंग कर रही है। 22 जनवरी से पहले तिहाड़ जेल में फांसी की रिहर्सल होनी है। इसके लिए वहां से कभी भी बुलावा आ सकता है। जेल प्रशासन यह भी मान रहा है कि पवन फांसी नहीं दे पाया तो उसे रिजर्व में रखा जा सकता है। ऐसे में पवन से जेल प्रशासन रोजाना बातचीत करता है और उसकी काउंसिलंग भी कर रहा है। साथ ही उसका रोजाना चेकअप भी हो रहा है।
निर्भया के चारों दरिंदों को फांसी के लिए नियुक्त पवन जल्लाद को पुलिस सुरक्षा भी दे दी गई है। माना जा रहा है कि 19 जनवरी तक दिल्ली से उसका बुलावा आ सकता है। तब तक उसकी सुरक्षा में चार-चार पुलिसकर्मी 24 घंटे उसके घर सुरक्षा में रहेंगे। इस पेशे से जुड़े चौथी पीढ़ी के पवन ने इससे पहले निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को सितंबर 2014 में फांसी दी जानी थी, उसका पवन जल्लाद इसका ट्रायल भी दे चुका था। ऐन वक्त आदेश पर रोक लगी थी। वरिष्ठ अधीक्षक जेल बीडी पांडे का कहना है कि पवन की रोजाना हाजिरी लग रही है, उसे फांसी के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जा रहा है।