जगह-जगह आयोजित किए गए थे कार्यक्रम
मेरठ. 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए बवाल के बाद में शनिवार को डॉक्टर भीम राव आंबेडकर जयंती के अवसर पर मेरठ में पुलिसबल तैनात रहा। यहां कड़ी चौकसी के बाद आंबेडकर जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। कचहरी के पास में आंबेडकर चौक पर लगी प्रतिमा पर नेताओं और अन्य लोगों ने माल्र्यापण किया। वहीं भैंसाली में सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शोभायात्रा भी निकाली गई। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून स्थित शोभापुर गांव में हुई दलित की हत्या के बाद हुए तनाव को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कचहरी रोड स्थित आंबेडकर चौकी पर कार्यक्रम को देखते हुए पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। पुलिस के साथ—साथ यहां एक बटालियन आरएएफ भी तैनात की गई थी। यहां सुबह से ही लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था। बवाल को देखते हुए यहां माल्र्यापण का कार्यक्रम रखा गया था। इसके अलावा भैंसाली गांव में भारी सुरक्षा के बीच में आंबेडकर की जयंती के अवसर पर दलित समाज की तरफ से कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। राज्यसभा सांसद कांता कर्दम भैंसाली गांव में आयोजित हुए कार्यक्रम में पहुंची। वहीं शास्त्री नगर के तेज गढ़ी में आंबेडकर की जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई।
यहां भी तैनात रहा पुलिसबल
2 अप्रैल को भारत बंद के बाद में शोभापुर में दो पक्षों में विवाद हो गया था। एक पक्ष ने दलित गोपी आर्या की हत्या कर दी गई थी। हत्या की घटना 4 अप्रैल को हुई थी। इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है। तभी से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। वहीं आंबेडकर की जयंती पर और भी पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं अधिकारी भी गांव में डेरा डाले हुए थे। एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार 2 अप्रैल को हुए उपद्रव से सबक लेते हुए प्रशासन और पुलिस अधिकारी आंबेडकर जयंती पर सतर्कता बरते हुए है। सुरक्षा के लिए तीन कंपनी और दो प्लाटून आरएएफ, पीएसी की छह कंपनी, 180 पुलिसकर्मी रिजर्व स्टाफ और 12 क्यूआरटी लगाई गई हैं। 12 क्यूआरटी में आठ क्यूआरटी पुरुष और चार महिलाओं की है।