घटनास्थल से तमंचा बरामद कराने के लिए ले जा रहे थे पुलिसकर्मी
मेरठ। खाकी का डर बदमाशों के ऊपर से किस कदर खत्म हो गया है। इसकी एक बानगी दौराला थाने में देखने को मिली। जब रिमांड पर आए एक बंदी ने सिपाही की राइफल छीनकर पुलिसकर्मियों पर तान दी। बंदी का यह दुस्साहस देख थाने में हड़कंप मच गया। किसी तरह से बंदी को काबू में किया तो उसने रास्ते में पड़ी ईंट उठाकर अपने सिर पर मार ली।
यह था मामला
जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद एक आरोपी अमरदीप को दौराला थाना पुलिस ने रिमांड पर लिया था। उसे लेकर पुलिस घटनास्थल पर ले जाने की तैयारी कर रही थी। पुलिस उससे घटनास्थल से तमंचा बरामद कराने के लिए ले जाने वाली थी। इसी बीच आरोपी अमरदीप ने एक सिपाही की राइफल छीन कर पुलिसकर्मियों पर तान दी। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने उसे काबू किया, लेकिन जब उसे घटनास्थल पर ले जाने लगे तो उसने रास्ते में पड़ी ईंट उठाई और अपने सिर में मार ली। जिससे उसका सिर फट गया। यह देखकर पुलिसकर्मियों को पसीना आ गया। पुलिस ने उस पर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वापस जेल भेज दिया।
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इस मामले में गया था जेल
दौराला थाना क्षेत्र के सकौती गांव के जंगल में बीती एक जून को प्रणसिंह और उनके पुत्र प्रदीप पर खेत में ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करने के विरोध में फायरिंग कर दी गई थी। दोनों के पीछे तमंचाधारी युवक दौड़ पड़े थे। किसी तरह से दोनों बाप-बेटों ने भागकर जान बचाई थी। जानलेवा हमले के मामले में पीड़ित प्रणसिंह ने गांव के जगरोशन और उसके पुुत्र अमरदीप को नामजद करते हुए जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। अमरदीप ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। बुधवार को पुलिस घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के लिए उसे रिमांड पर लेकर आई थी। दौराला थाने के दारोगा संजय सिंह व जगवीर के साथ सिपाही गौरव, सचिन, सुधीर, यशवीर सकौती के जंगल में पहुंचे। जंगल में पहुंचते ही उसने अपने सिर में ईंट उठाकर मार ली। इससे पहले उसने दौराला थाने में ही सिपाही गौरव की राइफल छीन ली और पुलिसकर्मियों पर तान दी। बमुश्किल पुलिसकर्मियों ने आरोपित पर काबू किया और तमंचा बरामद किए बिना उसे थाने ले आई। इसके बाद उसे सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पार्टी पर हमले जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।