
मेरठ। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना के एनकाउंटर में जवान अजय शहीद हो गए। उनके गांव पहुंचे एनकाउंटर टीम में शामिल शहीद अजय के साथी जवान ने सेना एनकाउंटर के दिन के बारे में बताया। साथी जवान ने कहा कि शहीद अजय आतंकियों को तलाशने में महारथी थे। शहीद के साथी ने बताया कि रविवार को करीब बारह बजे सूचना मिलने के बाद मेजर विभूति शंकर के नेतृत्व में अजय आैर सेना के करीब 30 जवान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में पिंगलीना क्षेत्र में पहुंचे थे। जहां पर एक मकान में पांच आतंकी छुपे हुए थे। आतंकियों से सीधी मुठभेड़ हुर्इ। सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया था। सेना जब मकान में सर्च आपेरशन कर रही थी आैर जब पूरा मकान खंगाल डाला तो वहां कुछ नहीं मिला था आैर हमने लौटने की तैयारी कर ली थी। तभी मकान के पास एक गड्ढे में छुपे एक आतंकी ने सेना पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी, इसमें अजय शहीद हो गए।
सर्च आॅपरेशन में आतंकी ढूंढ़ने में माहिर थे
शहीद अजय के परिजनों के अनुसार अजय के साथियों ने बताया कि सर्च आॅपरेशन में अजय हमेशा आगे रहते थे। आतंकी को सर्च आॅपरेशन में ढूंढ़ने में अजय माहिर थे। इससे पहले भी मुठभेड़ आैर सर्च आॅपरेशन चलाए गए थे, जिनमें अजय ने आतंकियों को ढूंढ़कर मारा। इस आॅपरेशन में आतंकी ने अजय पर पीछे से वार किया था, जिसमें अजय शहीद हो गए। अजय के साथियों ने परिजनों को बताया कि अजय को गोली मारने वाले आतंकी को अजय ने वहीं ढेर कर दिया था।