कर्इ दिनों से मिल रही शिकायतों पर पहुंची थी टीम
मेरठ। कोर्इ सोच भी नहीं सकता कि र्इ-रिक्शा में भी यह धंधा हो सकता है, लेकिन जब इस पर से पर्दा उठा था, हर कोर्इ सन्न था। दरअसल, सूचना के आधार पर एक टीम यहां पहुंची थी। शुरू में तो उन्हें सबकुछ सामान्य लगा, लेकिन जब टीम ने तहकीकात करनी शुरू की, तो सबकुछ सामने आ गया। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवार्इ की गर्इ है।
र्इ-रिक्शा में चल रहा था यह
पीवीवीएनएल ने इन दिनों बिजली चोरी अभियान चला रखा है। चीफ इंजीनियर एसबी यादव, एसर्इ अर्बन संजीव राणा के निर्देशन में इस अभियान के अंतर्गत विभागीय टीमें बिजली चोरी की सूचना पर मजीद नगर पहुंची थी। विभिन्न टीमों को यहां एक साथ 37 घरों व प्रतिष्ठानों में बिजली चोरी होती मिली। इसमें एक गोदाम में जब बिजली का हाल देखा, तो हर कोर्इ सन्न रह गया। दरअसल, यहां शाहबेज केे गोदाम में र्इ-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन चलता मिला, इसमें पूरी तरह से बिजली चोरी की जा रही थी। यहां एक साथ 22 र्इ-रिक्शाआें की चार्जिंग हो रही थी आैर वह भी 25 एमएम के केबिल के जरिए कटिया डालकर। बिजली विभाग की टीम ने इस गोदाम की यह दशा देखी, तो हैरत में पड़ गए।
इनके खिलाफ हुर्इ कार्रवार्इ
विभागीय टीम ने र्इ-रिक्शा के चार्जिंग गोदाम का बिजली चोरी के आरोप में 21 लाख रुपये का शमन शुल्क निर्धारित किया है, साथ ही इसके मालिक शाहबेज के खिलाफ एफआर्इआर दर्ज करार्इ है। साथ ही बिजली चोरी में पकड़े गए लोगों के खिलाफ भी एफआर्इआर व शुल्क निर्धारण किया गया।