जनपद में पुलिस चौकी समेत कर्इ घरों की छत आैर दीवार गिरी
मेरठ। मेरठ मेें बारिश ने पिछले दस साल का रिकार्ड तोड़ दिया। तीन दिन से हो ही हल्की बारिश ने गुरूवार की शाम से जो रफ्तार पकड़ी उसके बाद शुक्रवार की शाम तक तेज होती गई। बारिश से शहर का करीब 70 फीसदी हिस्सा जलमग्न हो गया है। लोगों के घरों में पानी भर गया है। देहात और शहर में आधा दर्जन से अधिक मकान धराशाही हो गए हैं। बारिश में जिले में कई स्थानों पर मकान गिरने की भी सूचना है। शहर में भारी बारिश के चलते अधिकतर इलाकों में जलभराव हुआ। सुबह से लगातार मूसलाधार बारिश के चलते लिसाड़ी गेट थाने की इस्लामाबाद चौकी भरभराकर गिर गर्इ, इसमें दो सिपाही घायल हुए हैं, उन्हें पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया है। इसकी छत आैर दीवार गिरने से चार वाहन भी मलबे में दब गए। भारी बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने 28 जुलार्इ शनिवार को प्रत्येक बोर्ड के कक्षा बारह तक के विद्यालयों में छुट्टी की घोषणा की है।
सुबह से शाम तक मूसलाधार बारिश
जनपद में जिस बारिश की उम्मीद शहरवासी कर रहे थे, ठीक वैसी ही बारिश गुरूवार शाम से शुरु हुई आैर शुक्रवार को सुबह से शाम तक हुर्इ। जिसके चलते एक बार फिर मौसम सुहाना हो गया। इस दौरान बच्चों ने झमाझम बारिश का आनंद लिया। लगातार होती बारिश से न केवल उमस भरी गर्मी से राहत मिली, बल्कि पारे में भी गिरावट आई है। सरदार वल्लभ भाई पन्त कृषि विवि मोदीपुरम के मौसम विज्ञानी डा. सुभाष ने बताया कि मेरठ में बारिश ने पिछले दस साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। पिछले 72 घंटे से 137 एमएल बारिश हो चुकी है। जो पिछले दस सालों में नहीं हुई है। इससे पहले सर्वाधिक बारिश 2010 में 134.5 एमएम दर्ज की गई थी। वर्ष 2008 में 140 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। अभी आने वाले 48 घंटे में और मूसलाधार बारिश की संभावना है।
शहर के अधिकतर क्षेत्रों में जलभराव
झमाझम बारिश का सिलसिला बुधवार की सुबह से जो शुरु हुआ, वह शुक्रवार को भी जारी रहा। तीन दिन से हो रही बारिश ने दो तिहाई शहर को जलमग्न कर दिया है। शहर के कचहरी, बच्चा पार्क, घंटाघर, रेलवे रोड, कैंट, भूमिया पुल, शास्त्रीनगर, साकेत, थापरनगर, सदर आदि में नालों का पानी सड़कों, बाजारों, मकानों समेत नगर निगम परिसर में भी भर गया। नगर निगम कार्यालय समेत बाजारों और मकानों में लोग कई घंटे कैद होकर रह गए। जलभराव से जनता परेशान हो उठी। जोरदार बारिश ने कचहरी व कलक्ट्रेट परिसर, वेस्टर्न कचहरी रोड, विजय नगर, सेंट थॉमस स्कूल रोड, बच्चा पार्क, खैर नगर, जली कोठी, घंटाघर, जिला अस्पताल, नगर निगम, वैली बाजार, कबाड़ी बाजार, कोटला, पूर्वा फैय्याज अली, केसर गंज, मकबरा डिग्गी, सदर, कैंट क्षेत्र, बेगमपुल, थापर नगर समेत आधे शहर को जलमग्न कर दिया।