अगले महीने से शुरू होने जा रहा इस प्रोजेक्ट पर काम
मेरठ। यदि आप दिल्ली की आेर जा रहे हैं आैर वह भी एयरपोर्ट, तो आपको तीन घंटा पहले निकलना होगा। अगर रास्ते में जाम लग गया तो समझो हो गया काम। फ्लाइट मिस हुई सो अलग से, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब मात्र 80 मिनट में पूरी कर सकेंगे। ऐसा संभव होगा एनसीआरटीसी के प्रयास से। अब वह दिन अधिक दूर नहीं जब मेरठवासियों को दूरी के लिए कम समय लगेगा। एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) रैपिड रेल का ट्रैक बिछाने से पहले यात्री सुविधा की प्लानिंग कर रहा है। यात्रियों को एक ही स्थान से बस, ट्रेन, हवाई जहाज, मेट्रो ट्रेन तक पहुंचने की सुविधा मिल सके, इसके लिए मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन बनाने पर तेजी से काम किया जा रहा है।
एयरपोर्ट टर्मिनल-3 मात्र 80 मिनट में
इस मॉडल में रैपिड रेल के स्टेशन इंटरसिटी बस टर्मिनल, एयरपोर्ट, दिल्ली मेट्रो, मेरठ मेट्रो, भारतीय रेलवे के स्टेशनों से जुड़े रहेंगे। इस सुविधा से मेरठ से सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल-3 तक पहुंचने में मात्र 80 मिनट लगेंगे। इससे यात्रियों को एक ही स्थान से सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।
जुलाई से शुरू होगा दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कारीडोर
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कारीडोर निर्माण को जुलाई से शुरू करके 2023 तक पूरा किया जाना है। इसके अलावा रैपिड रेल के आठ कारीडोर में तीन कारीडोर को प्राथमिकता पर लिया गया है। इसमें दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-अलवर कारीडोर को राजधानी में आपस में इंटरकनेक्ट किया जाएगा।
सरायकाले खां बनेगा जंक्शन
रैपिड रेल कारीडोर का जंक्शन सराय काले खां में बनाया जाएगा। पहले चरण में बनने वाले तीनों कारीडोर यहीं आकर मिलेंगे। जो ट्रेन मेरठ से दिल्ली आएगी, वही पानीपत और अलवर जाएगी। इसके अलावा इसे निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्रियों को भारतीय रेलवे की सुविधा भी मिल सके। एरोसिटी तक जाएगी रैपिड एनसीआरटीसी लोगों को सुविधाजनक ढंग से एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए रैपिड रेल कारीडोर की प्लानिंग कर रहा है। इसके लिए इंदिरा गांधी टर्मिनल-3 के पास एरोसिटी को चुना गया है। वहां पहले से ही तीनों टर्मिनल को ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जोड़ने की तैयारियां जोरों पर है।