
मेरठ। मेरठ आैर आसपास के लोगों के लिए मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। यहां के लोगों की काफी समय से मांग थी कि दिल्ली तक के सफर को लेकर उन्हें जाम के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती थी, लेकिन अब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रैपिड रेल की योजना को 30, 274 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। रैपिड रेल से मेरठ से दिल्ली तक करीब 82 किलोमीटर का सफर एक घंटे में तय किया जा सकेगा। इस बीच कुल 22 स्टेशन होंगे। इसमें 17 एलीवेटेड स्टेशन होंगे आैर पांच अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे।
सबसे पहले 16.5 किलोमीटर का निर्माण
मेरठ से दिल्ली तक चलने वाली रैपिड रेल के प्रोजेक्ट में सबसे पहले 16.5 किलोमीटर का निर्माण साहिबाबाद से दुहार्इ तक का होगा। इसके लिए सभी प्रारंभिक कार्य एनसीआरटीसी ने पूरे कर लिए हैं। साहिबाद से दुहार्इ के बीच सड़क चौड़ीकरण आैर मिट्टी की जांच कार्य पूरा किया जा चुका है। रैपिड रेल का 82 किलोमीटर का मार्ग 68 किलोमीटर का मार्ग पुल के रूप में खंभों पर होगा आैर करीब 14 किलोमीटर का मार्ग भूमिगत होगा। इस योजना पर 30,274 करोड़ रुपये खर्च आएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस बजट को मंजूरी दे दी है।
रैपिड रेल में होंगी आधुनिक सुविधाएं
रैपिड रेल में आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसमें एक बिजनेस आैर एक महिला कोच की व्यवस्था होगी। टिकट के लिए आधुनिक साॅफ्टवेयर प्रणाली, दिव्यांगों के लिए अलग सुविधा होगी। एनसीआरटीसी का दावा है कि मेरठ से दिल्ली तक करीब एक घंटे में रैपिड रेल यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी। इसकी डिजाइन स्पीड करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। आॅपरेशन स्पीड 160 किलोमीटर आैर आैसतन स्पीड करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। प्रत्येक ट्रेन दस मिनट के अंतराल पर उपलब्ध रहेगी।
प्रोजेक्ट पूरा करने की कोशिशें
एनसीआरटीसी की मानें तो रैपिड रेल प्रोजेक्ट पूरा होने का वास्तविक लक्ष्य 2025 रखा गया था, लेकिन इस अंतराल को कम करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। पहले इसका लक्ष्य 2024 तक किया गया, अब केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी आैर बजट मिलने से रैपिड रेल प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा करने को लेकर काम शुरू किया गया है।