राष्ट्रोदय कार्यक्रम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रूट डायवर्जन भी रहेगा
मेरठ। मेरठ में होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक समागम 'राष्ट्रोदय' की महीनों से चल रही तैयारी लगभग पूरी हो चुकी। इस कार्यक्रम के लिए बनाया गया मंच तो आकर्षण का केन्द्र बन गया है। साथ ही इस कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने भी कमर कस ली है। 'राष्ट्रोदय' कार्यक्रम का मंच राष्ट्रवैभव का इंद्रधनुष लोगों के लिए सहज आकर्षण का केंद्र बन गया है। 25 फरवरी को होने वाले संघ के समागम के लिए शुक्रवार को मंच पूरी तरह सजकर तैयार हो गया। अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण के चार घोड़ों वाले रथ पर सवार मंच समेत पूरा कार्यक्रम स्थल भगवा रंग में डूब गया है।
मंच की यह खासियत
इस मंच को बनाने के लिए पूरी टीम दिल्ली से आई है। इस टीम ने 200 टन लोहे से न सिर्फ मेट्रो रेल स्टेशन की तर्ज पर मंच खड़ा किया, बल्कि इसमें लिफ्ट भी लगा दी। इस लिफ्ट से एक साथ छह लोग चढ़ सकेंगे, हालांकि इससे सिर्फ स्वामी अवधेशानंद एवं सर संघ चालक मोहन भागवत ही जाएंगे। वहीं इस विशाल कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए पुलिस ने भी कमर कस ली है। शुक्रवार को बाहरी फोर्स ने मेरठ पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराई। एडीजी जोन प्रशांत कुमार व आइजी रामकुमार वर्मा सुरक्षा इंतजाम की समीक्षा कर रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर एडीजी ने कहा
एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से राष्ट्रोदय कार्यक्रम को 10 जोन, 39 सेक्टर और 97 सब सेक्टर में बांटकर अधिकारियों की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम की सुरक्षा में दो एसपी, 15 एएसपी, 55 सीओ, 100 इंस्पेक्टर व एसओ सहित करीब साढ़े चार हजार अधिकारी-कर्मचारी लगाए गए हैं। इनमें ढाई सौ महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसके अलावा दो एटीएस व दो स्वाट टीम मेरठ पहुंच गई हैं। किसी भी अग्निकांड से बचाव के लिए 26 दमकल गाड़ियां लगाई गई हैं। आरएएफ, आरआरएफ और पीएसी की 15 कंपनियां भी इस कार्यक्रम की सुरक्षा में लगाई गई हैं। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट भी डायवर्ट कर दिये गये हैं।