
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ Ambedkar Jayanti वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश के दलितों की याद राजनैतिक दलों को फिर से आने लगी है। दलितों को साधने के लिए इस बार अंबेडकर जयंती Ambedkar Jayanti पर सपा जहां दलित दीपावली मनाने की घोषणा कर चुकी है वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ भाजपा ने अंबेडकर BR Ambedkar जयंती को समरसता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया है।
अनुसूचित मोर्चा को सौंपी जिम्मेदारी
भाजपा ने 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती Bhimrao Ambedkar को समरसता दिवस के रूप में मनाने के लिए अनुसूचित मोर्चा को जिम्मेदारी सौंपी है। दलितों के घरों में दीपोत्सव कार्यक्रम करने की जिम्मेदारी अनूसूचित मोर्चा के कार्यकर्ताओं के पर रहेगी। इसके तहत कार्यकर्ता दलितों के घर जाकर एक दीप बाबा साहेब के नाम जलाएंगे। यह कार्यक्रम 13 अप्रैल और 14 अप्रैल को Dr Bhimrao Ambedkar अंबेडकर जयंती को दो दिवसों मनाया जाएगा।
प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य डॉक्टर सिंह लिसाड़ी ने बताया कि 13 अप्रैल को पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अंबेडकर की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर 'दीपोत्सव' कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। इसके बाद 14 अप्रैल को डॉक्टर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए बूथों पर पार्टी कार्यकर्ता इकट्ठे होंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में पार्टी के सांसद, विधायक और मंत्री भी शामिल होंगे। पार्टी के पदाधिकारी विभिन्न चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भारतीय संविधान के जनक डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करेंगे। इसके साथ ही बाबा साहेब की नीतियों के बारे में लोगों को अवगत कराएंगे। उन्होंने बताया कि समरसता दिवस कार्यक्रम पूरी तरह से समाजिक और बाबा साहेब के जन्म दिन को लेकर मनाया जाएगा।