हत्या के बाद सट्टेबाजों ने दरोगा के बेटे के शव को गंगनहर में फेंका
मेरठ. वह दरोगा का पुत्र था और अपने पिता का रौब गालिब कर सटोरियों (Satta Trader) से हफ्ता मांगता था। हफ्ता न मिलने पर वह सटोरियों (Satta Traders) को जेल भिजवाने की धमकी देता था। उसकी इस हरकत से सटोरिये बहुत परेशान थे। इसका बदला लेने के लिए सटोरियों (Satta Traders) के ग्रुप ने दारोगा पुत्र को सबक सिखाने के लिए ऐसा प्लान बनाया, जिसे जानकर आपके र रोंगटे खडे़ हो जाएंगे। सटोरियों (Satta Traders) ने दारोगा पुत्र को पार्टी देने के बहाने बुलाया और उसके बाद उसे खूब शराब पिलाई और खाना खिलाया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। दरोगा पुत्र की हत्या कर शव को जानी गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने तीन सप्ताह बाद हत्यारोपी सगे भाइयों समेत तीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शव की तलाश के लिए गोताखोर उतारे, लेकिन सफलता नहीं मिली। वहीं, हत्या में प्रयुक्त की गई कार और मृतक युवक का मोबाइल फोन बरामद हो गया है।
पुलिस के अनुसार थाना ब्रह्मपुरी अंतर्गत मोहल्ला गौरीपुरा यूपी पुलिस के दरोगा प्रताप सिंह परिवार सहित रहते हैं। प्रताप सिंह विजिलेंस में नौकरी कर रहे हैं। बीती 21 सितंबर को उसका बेटा मनोज जिसकी उम्र करीब 35 वर्ष है, वह लापता हो गया था। तब से उसका कुछ पता नहीं चला। बेटे मनोज की गुमशुदगी दारोगा पिता ने थाना ब्रह्मपुरी में दर्ज कराई। दरोगा ने पत्ता मोहल्ला ब्रह्मपुरी के दो सगे भाइयों इमरान व फिरोज पर शक होने पर पुलिस को जानकारी दी।
सोमवार रात ब्रह्मपुरी पुलिस ने दोनों भाइयों व उनके नौकर रामबाबू निवासी बिहार को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों भाइयों ने हत्या की वारदात का कबूल लिया। हत्यारोपियों का कहना है कि उनका सट्टे का काम है और दारोगा पुत्र उनसे रुपये की मांग करता था। बताया जाता है कि हत्या के बाद मनोज के शव को आरोपी जानी गंगनहर में फेंक आए थे। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि दरोगा पुत्र के हत्यारोपियों से पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया तीनों ने हत्या का आरोप स्वीकार किया है। पकडे़ गए हत्यारोपी सट्टे का काम करते हैं। हत्या के आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।