मेरठ

‘सौरभ की मां ने कहा- मुस्कान बोली थी, कभी बेटे का चेहरा नहीं देखने दूंगी’, जानिए सौरभ के परिवार ने फैसले से पहले क्या कहा?

Saurabh Rajput Murder Case Update: मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत के फैसले से पहले सौरभ राजपूत के परिवार ने आरोपियों मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग की है। जानिए सौरभ के परिवार ने क्या कुछ कहा।
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Sep 30, 2026
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सौरभ हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट। Image Source - 'X' @IANS

Saurabh Rajput Murder Case Update:मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में बुधवार को जिला अदालत का फैसला आएगा। सौरभ राजपूत की हत्‍या का आरोप उसकी पत्‍नी मुस्‍कान रस्‍तोगी और प्रेमी साहिल शुक्‍ला पर है। फैसले से पहले मृतक सौरभ राजपूत के परिवार ने आरोपियों मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग की है। सौरभ की मां और बड़े भाई राहुल ने कहा है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अगर सजा कम मिली तो वे इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

कम से कम फांसी होनी चाहिए- सौरभ के भाई ने कहा

सौरभ के बड़े भाई राहुल ने कहा कि उनके भाई के साथ जैसा हुआ, आरोपियों को वैसी ही सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, "कम से कम, फांसी होनी चाहिए।" राहुल के मुताबिक, अगर अदालत के फैसले से परिवार संतुष्ट नहीं हुआ तो वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

17 से 18 महीने तक अदालत के चक्कर काटे

सौरभ के बड़े भाई राहुल ने भारत समाचार से बातचीत में बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें और उनकी मां को करीब 17 से 18 महीने तक अदालत जाना पड़ा। उनके मुताबिक, दोनों रोज सुबह करीब 11 बजे घर से निकलते थे और शाम करीब 5:30 बजे लौटते थे। राहुल ने कहा कि कई बार तो पूरे दिन अदालत में इंतजार करना पड़ता था और खाने-पीने का भी कोई ठिकाना नहीं रहता था।

जेल में पूजा-पाठ को बताया ढोंग

मुस्कान के जेल में पूजा-पाठ करने की बात पर राहुल ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि, "घर में इतना बड़ा मंदिर होने के बावजूद मुस्कान ने कभी पूजा नहीं की। मंदिर के अंदर नहीं गई और न ही वहां कभी सफाई की।" राहुल ने इसे महज दिखावा बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसा सजा कम कराने के मकसद से किया जा रहा है।

2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की शादी

राहुल के मुताबिक, मुस्कान 2016 में सौरभ को भगा ले गई थी। इसके बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। राहुल ने बताया कि 2016 से 2019 तक मुस्कान ससुराल में ही रही। इसके बाद 2019 में वह सौरभ को अपने साथ ले गई। राहुल के अनुसार, 2022 में सौरभ विदेश जाने के लिए एक कोर्स कर रहा था। इसी दौरान मुस्कान किसी के साथ चली गई। सौरभ का फोन आने के बाद राहुल रात करीब 8 बजे राजस्थान से रवाना हुए। मुस्कान के पिता की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। राहुल ने बताया कि करीब 11-12 दिन बाद मुस्कान सावेरी गांव में मिली। राहुल ने बताया कि सौरभ से उनकी आखिरी मुलाकात 2024 में हुई थी। उस समय सौरभ उनके बड़े बेटे के लिए गिफ्ट और कपड़े लेकर आया था। इस दौरान वो बच्चे के साथ खेला भी था।

मैसेज पर बहकाती रही मुस्कान

राहुल के मुताबिक, जब सौरभ का फोन नहीं लग रहा था तो मुस्कान आखिर तक मैसेज के जरिए परिवार से बात करती रही। लेकिन कॉल करने पर फोन नहीं उठा रही थी। इसके बाद शक होने पर उन्होंने कुछ परिचितों से सलाह ली और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। राहुल का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के करीब 3 से 5 घंटे बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान राहुल थाने के बाहर खड़े थे। उन्होंने आवाज सुनी कि सौरभ को मारकर ड्रम में जमा दिया गया है। घटना के बारे में पूरी जानकारी उन्हें बाद में मिली।

"कांप गई थी मेरी रूह"

पोस्टमार्टम हाउस में शव की शिनाख्त का जिक्र करते हुए राहुल भावुक हो गए। उनके शब्द थे, "कांप गई थी मेरी रूह।" राहुल के मुताबिक, शव का सिर अलग था, हथेली कटी हुई थी और सीने व कान के पास चाकू के घाव थे। उन्होंने बताया कि शव की हालत देखकर परिवार को गहरा सदमा लगा था।

गठरी बनकर आया था बेटा- सौरभ की मां

सौरभ की मां रेणु देवी ने बताया कि पूरा परिवार और आम जनता भी इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठी है। उनकी मांग है कि आरोपियों को फांसी की सजा ही होनी चाहिए। बेटे का शव घर आने की बात याद करते हुए वे बोलीं कि वह "गठरी बन के आया था", इसलिए वे उसे देख भी नहीं पाईं। मां का आरोप है कि मुस्कान जब तक ससुराल में थी, तब तक ठीक थी, लेकिन बाद में मायके वालों से मिलने के बाद उसका व्यवहार बदल गया। उनके अनुसार घर में आए दिन झगड़े होते थे और पूरा मोहल्ला इसका गवाह है।

सौरभ की मां ने दावा किया है कि मुस्कान एक बार गुस्से में यह कहकर गई थी कि "मैं तुम्हें कभी तुम्हारे बेटे का चेहरा देखने नहीं दूंगी।" परिवार ने तब इस बात को गंभीरता से नहीं लिया था। वे बोलीं, "हमें क्या पता था कि वह इस अंजाम तक पहुंचा देगी।"

"उन्हें भी पता चले बेटा खोने का दर्द"

आरोपियों के लिए कैसी सजा चाहती हैं, इस सवाल पर सौरभ की मां का जवाब था कि, जैसा उनके बेटे के साथ हुआ, वैसा ही आरोपियों के साथ हो, ताकि उन्हें भी बेटे-बेटियों को खोने का दर्द पता चले। उनका मानना है कि किसी भी सास को यह उम्मीद नहीं होती कि बहू इतनी बेदर्दी से ऐसा काम करेगी। मुस्कान के पिता के डिप्रेशन में होने के दावे पर सौरभ की मां बोलीं कि जितना डिप्रेशन उनके घर में है, उतना कहीं नहीं है। परिवार पूरी तरह टूट चुका है।

डेढ़ साल बाद भी नम हैं आंखें

घटना को करीब डेढ़ साल बीतने के बाद भी सौरभ का परिवार इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाया है। मां और भाई घटना का जिक्र करते हुए भावुक हो जाते हैं। अब परिवार की नजरें अदालत के फैसले पर हैं। फैसले में अदालत आरोपियों को दोषी ठहराती है या बरी करती है और दोषी पाए जाने की स्थिति में क्या सजा देती है, यह अदालत के निर्णय से स्पष्ट होगा। परिवार का कहना है कि अगर उन्हें अपेक्षित न्याय नहीं मिला तो वे आगे की कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।