मेरठ

School Reopen: यूपी में 9 से 12वीं तक के स्कूल खुले, पहले दिन मात्र 30 फीसदी स्टूडेंट्स ही पहुंचे

School Reopen: कोविड प्रोटोकॉल के तहत कक्षा 9 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए आज से 50 फीसदी के साथ खोले गए स्कूल, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद मिला छात्रों को प्रवेश।
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Aug 16, 2021
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मेरठ. School Reopen: आज सोमवार को लंबे अरसे बाद मेरठ के स्कूल बच्चों से गुलजार नजर आए। साढ़े चार महीने से स्कूल परिसर में पसरा सन्नाटा छात्रों की आवाजों से चहक उठा। बच्चे स्कूल में पहुंचे तो उनका फूल बरसाकर और चॉकलेट देकर स्वागत किया गया। स्टूडेंट्स और अध्यापक जब एक-दूसरे से मिले तो काफी समय बाद मिलने की चमक आंखों में साफ दिखी। स्कूल के दोस्तों और सहेलियों को देखते ही दिल खोलकर गले लगे और एक-दूसरे से गर्मजोशी से हाथ मिलाया। बता दें कि साढ़े चार महीने की बंदी के बाद छात्रों की 50 फीसदी उपस्थिति के साथ स्कूल खुल गए हैं। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों को बंद कर दिया था।

कोविड प्रोटोकाल के तहत छात्रों को दिया प्रवेश

एमपीजीएस, दीवान, केएल इंटरनेशनल, गार्गी और अन्य पब्लिक स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन कराया गया। छात्रों को स्कूल परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया गया। एमपीजीएस शास्त्रीनगर में छात्राएं अपने स्कूल पहुंची तो उनका फूलों से स्वागत किया गया। शिक्षिकाओं ने स्कूल के सभी गेटों पर खड़े होकर गुलाब के फूलों की पंखुडियों की बरसात की। डी ब्लाक शास्त्रीनगर सरस्वती शिशु मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कक्षाएं प्रारंभ हुईं। बता दें स्कूलों में 9 से 12वीं तक दो पारियों में कक्षाएं चलेंगी। स्कूल खुलने के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराया गया। सभी छात्र-छात्राएं और कर्मचारी मास्क लगाए हुए नजर आए।

20 से 30 प्रतिशत छात्र ही पहुंचे

सेंट जांस स्कूल में पहुंचे विद्यार्थियों को सैनिटाइजेशन के बाद प्रवेश दिया गया। कक्षा में भी स्टूडेंट्स को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बिठाया गया। पहले दिन कम संख्या में छात्र स्कूल पहुंचे। लोहिया नगर स्थित सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद पहली बार रौनक नजर आई। स्कूल में बच्चों का ताली बजाकर स्वागत किया गया। स्कूल की प्रधानाचार्या ने बताया कि स्कूल परिसर में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। खाने-पीने का सामान घर से लाने की मनाही है। बच्चों को हर चीज डिस्पोजल दी गई है। पानी के गिलास भी डिस्पोजल रखे गए हैं। हालांकि हर स्कूल में पहले दिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम रही है। विद्यालयों में 20 से 30 प्रतिशत छात्र ही पहुंचे हैं।

Published on:
16 Aug 2021 10:31 am