
मेरठ। कोरोना वायरस का फैलाव रोकने के लिए सरकार की निगाह एनसीआर और मेरठ मंडल के जनपदों पर टिकी है। प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी इस पर ज्यादा फोकस किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एनसीआर दिल्ली से सटा होने के कारण मेरठ मंडल अधिक संवेदनशील है। यहीं से वायरस का फैलाव हो सकता है, लिहाजा मेरठ मंडल के अफसरों को सतर्क रहने और सक्रियता से बचाव के उपाय करने की जरूरत है। मेरठ मंडल के सभी सीएमओ हर 12 घंटे बाद अपनी रिपोर्ट शासन और स्वास्थ्य विभाग को भेज रहे हैं। वहीं विदेश से आने वालों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।
शासन की वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कमिश्नर अनीता सी. मेश्रम, डीएम अनिल ढींगरा समेत स्वास्थ्य व अन्य विभागों के मंडलीय अधिकारियों ने गहनता से कोरोना से निपटने के लिए विचार-विमर्श कर पूरी रणनीति बनाई है। कमिश्नर गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ समेत पूरे मंडल में कोरोना का अपडेट मुख्य सचिव को भेज रही हैं। वहीं वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल अधिकारियों के मुताबिक मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली से सटा होने के कारण एनसीआर में देश-विदेश से लोगों का आवागमन रहता है। लिहाजा सफाई और आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता है। सभी जनपदों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखे जाएं। सार्वजनिक स्थानों, मॉल, सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट, होटल आदि में दरवाजों के हैंडल व मानव संपर्क में आने वाले सभी स्थानों को सेनेटाइज करा सोडियम क्लोराइड से सफाई कराएं।
वहीं मास्क और सेनेटाइजर की बिक्री में मनमानी करने, अवैध स्टॉक तथा कालाबाजारी की शिकायतें मिल रहीं हैं। कमिश्नर ने सभी डीएम को इसको रूकवाने के आदेश जारी किए हैं। इन दोनों पर एस्मा लागू कर दिया है। संक्रमित मरीजों की मनमानी रोककर इलाज सुनिश्चित करने के लिए एपेडेमिक एक्ट में शामिल अधिकारों का प्रयोग करें, ताकि संक्रमित व्यक्ति को जबरन अस्पताल ले जाकर इलाज शुरू हो सके। वहीं कोरोना से निपटने के लिए बने वार्डों का भी हर दो घंटे बाद जिम्मेदारों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। सीएम ने भाजपा जनप्रतिनिधियों को भी वार्डों का निरीक्षण कर उसकी खामियों को दूर करवाने के आदेश दिए हैं।