मेरठ

शिवरात्रि: गंगाजल और दूध से रूद्राभिषेक करने से मिलेगा विशेष फल

गंगाजल या दूध से रूद्राभिषेक करने से मिलेगा पूजा का फल दोपहर शुभ योग 2:10 से 3:53 तक भगवान ताले के साए में पुजारियों को मिले नोटिस

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Jul 19, 2020
DEV

मेरठ ( meerut news ) सावन का महीना शिव भक्तों के लिए खास माना जाता है। सावन में आने वाली शिवरात्रि का भी महत्व अधिक है। सावन की शिवरात्रि का महत्व, फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि के समान माना गया है। इस दिन मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। सावन के महीने में, गंगाजल या दूध से रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व बताया गया है।

रविवार आज सावन की शिवरात्रि ( Shivratri ) है लेकिन कोरोना वायरस ( Corona virus ) के कारण मंदिरों के कपाट बंद होने पर लोगों को घरों में ही पूजा और अभिषेक करना होगा। इसी को देखते गए इस बार बाबा औघड़नाथ भगवान के दर्शन आनलाइन होंगे। इसके लिए औघडनाथ मंदिर के नाम से फेसबुक पर पेज बनाया गया है। श्रद्धालुगण आनलाइन दर्शन कर सकेंगे।

जानिए शुभ मुहूर्त
लाभामृत योग सुबह 9:01 बजे से दोपहर 12:27 तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त सुबह 10:44 से 12:54 तक होगा।

शुभ योग दोपहर 2:10 से 3:53 तक रहेगा।

शुभामृत योग शाम 7:19 से रात में 9:53 तक रहेगा।

मेरठ में नहीं खुलेंगे मंदिरों के कपाट
देश भले ही अनलॉक हो गया हो, बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल हो लेकिन भगवान अभी भी लॉकडाउन के साए में ही हैं। मेरठ के सभी मंदिरों में ताले लटके हुए हैं। यह हाल प्रमुख मंदिरों का नहीं ग्रीन जोन में स्थित साकेत, न्यू मोहन पुरी, फूलबाग, समेत छोटे छोट मंदिरों में नोटिस पुजारियों को थमाए गए हैं। इन नोटिस की कार्रवाई के डर से भी पुजारी और समितियां मंदिर नहीं खोल रहे हैं।
सदर बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में पिछले दो सोमवार को पुलिस का पहरा लगा है। मंदिर में एक नोटिस भी चस्पा है जिसमें लिखा है कि कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर अग्रिम आदेशों के तहत बंद है। नोटिस में मंदिर के मुख्य पुजारी का नाम लिखा है। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद हैं।

Updated on:
19 Jul 2020 12:18 pm
Published on:
19 Jul 2020 12:16 pm
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