कांवड़ यात्रा में भगवान शिव को प्रसन्न करने के कांवड़ियों के अलग-अलग तरीके
मेरठ। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवभक्तों के अलग-अलग तरीके हैं। कांवड़ यात्रा में एेसे अनोखे तरीके अपना रहे है। कांवड़ यात्रा में हर कोई किसी न किसी तरीके से भोले को प्रसन्न करने में लगा हुआ है। वहीं परांपरागत कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ फिल्मी क्रेज भी देखने को मिल रहा है। फिल्म 'बाहुबली' में जिस तरह अभिनेता अपने कंधे पर शिवलिंग का उठाकर चला था, ठीक उसी तर्ज पर कांवड़िये भी इस बार बड़ी संख्या में अपने कंधे पर शिवलिंग रखकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। हाइवे पर जब ये अन्य कांवड़ियों के बीच चलते हैं तो लोगों के आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं।
फिल्म देखकर मन में आया एेसा विचार
दिल्ली के गोकुलपुरी निवासी रामअभिलाष शिवलिंग को अपने कंधे पर रखकर दूसरी बार हरिद्वार से कांवड़ ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी वह इसी तरह शिवलिंग को कंधे पर रखकर कांवड़ लाए थे। इस कांवड़ का उन्हें जोड़ा पूरा करना था, इसलिए दूसरी बार कांवड़ लेकर आए। उन्होंने बताया कि ‘बाहुबली’ फिल्म देखकर ही उनके मन में शिवलिंग की कांवड़ लेने का यह आइडिया आया था। यह अपने आपमें एक अलग तरह का अनुभव रहा। रामअभिलाष का कहना है कि वह शिवरात्रि पर जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ यात्रा में दिखाई दे रहे तरह-तरह के शिवलिंग
बता दें कि कांवड़ यात्रा के दौरान तरह-तरह के शिवलिंग दिखाई दे रहे हैं। इस बार शिवलिंग को कंधे पर रखकर कांवड़ लाने वालों की संख्या भी अधिक दिखाई दे रही है। शिवलिंग की बनावट भी अलग-अलग तरह की है। शिवलिंग को सजाने में भी कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। कांवड़ियां हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे लगाकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। हरिद्वार से कांवड़ ला रहे विभु ने बताया कि वह तीन साल से लगातार कांवड़ ला रहा है। इस बार कांवड़ियों की संख्या पिछले सालों के मुकाबले अधिक है। इस बार झांकी वाली कांवड़ का क्रेज भी अधिक देखने को मिल रहा है। सभी शिवभक्त पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ अपनी कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। इस बार मौसम भी शिव भक्तों का साथ दे रहा है।