इंटरनेशनल आेलंपिक कमेटी ने स्विट्जरलैंड के आेलंपिक म्यूजियम में सौरभ की पिस्टल रखने का फैसला किया
मेरठ। मेरठ के निशानेबाज सौरभ चौधरी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सौरभ ने अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में यूथ आेलंपिक गेम्स के दस मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रिकार्ड अंकों के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था। एशियन गेम्स से लेकर यहां तक के सफर में सौरभ चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए धुरंधर निशानेबाजों को पीछे छोड़ते हुए एक से बढ़कर एक उपलब्धि हासिल की है। इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए इंटरनेशनल आेलंपिक कमेटी ने 16 वर्षीय सौरभ की पिस्टल स्विट्जरलैंड के आेलंपिक म्यूजियम में रखने का निर्णय लिया है आैर सौरभ को इस संबंध में पत्र भी सौंपा है। सौरभ अभी वहीं है आैर सोमवार को मेरठ लौटेंगे। इससे परिवार में उत्सव जैसा माहौल है।
किसान के बेटे ने किया कमाल
मेरठ के सरूरपुर के गांव कलीना निवासी सौरभ के पिता जगमोहन सिंह किसान हैं। पिछले पांच महीने में सौरभ ने जिस तरह से दमदार प्रदर्शन किया आैर देश का मान बढ़ाया, उससे पूरा गांव खुश है। सौरभ ने जून में विश्व कप निशानेबाजी, एशियन गेम्स आैर यूथ आेलंपिक गेम्स तीनों में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। यूथ आेलंपिक गेम्स में उन्होंने सौ से ज्यादा देशों के निशानेबाजों को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने रिकार्ड बनाया। सौरभ बिनौली (बागपत) में कोच अमिम श्योराण से कोचिंग लेते हैं। कोच समेत पूरा परिवार सौरभ की इस उपलब्धि पर खुश है।