
मेरठ। प्रदूषण का असर मेरठ की जनता तो झेल ही रही है। अब इसका प्रभाव (Street Dog’s)आवारा कुत्तों पर भी पड़ रहा है। हालात ये हैं कि इस (Pollution) प्रदूषण के चलते आवारा कुत्तों ने पिछले एक सप्ताह में करीब 50 लोगों को अपना शिकार बना लिया। पशु चिकित्सक डा. संजीव विश्वकर्मा के अनुसार प्रदूषण और मौसम का सर्वाधिक प्रभाव अगर किसी (Animal) जानवर पर होता है तो वह है कुत्ता। अगर वातावरण में (Environmental pollution) प्रदूषण की मात्रा अधिक है तो यह मात्रा कुत्तों को सुस्त और आक्रमक बना देती है। ऐसी स्थिति में (Street Dog)आवारा कुत्ते या तो सोते रहते हैं या फिर जागने पर आक्रामक हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में जो भी उनके पास से गुजरता है उसको अपना शिकार बना लेते हैं। डा. विश्वकर्मा के अनुसार कुत्तों में मौसम और प्रदूषण के कारण व्यवहार में जबरदस्त अंतर आता है।
प्रदूषण वृद्धि के साथ कुत्तों के काटने के मामले बढ़े
पिछले एक सप्ताह में महानगर में कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाओं में बढोत्तरी हुई है। जिसका कारण प्रदूषण (Pollution) का बढ़ता स्तर माना जा रहा है। महानगर में कई स्थानों पर कुत्ते सोते हुए ही दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जब ये जागते हैं तो काफी खतरनाक हो उठते हैं। मेरठ के सोती गंज में कुत्तों के ऐसे गैंग से व्यापारी ही नही आम लोग भी परेशान हैं। ये कुत्ते सोती गंज में दर्जनों लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। जिला अस्पातल (District Hospital) के चिकित्सक पीके बंसल ने बताया कि इन दिनों कुत्ता काटने की घटनाएं तेजी से बढी हैं। हर दिन 10 से 15 की संख्या में लोग रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल में आ रहे हैं। पशु चिकित्सक डा,.विश्वकर्मा ने लोगों को सलाह दी है कि जब कुत्ता सड़क पर सो रहा हो या फिर तेज भोंक रहा हो उसके पास जाना ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर कुत्ते को छेड़ा जाए तो वह आक्रमक हो उठता है और बिना नुकसान पहुंचाए छोड़ता नहीं है।