अस्पताल के सुपरवाइजर ने एक वीडियो जारी करके अस्पताल प्रबंधन आरोप लगाए हैं कि जब कोरोना से लोग मर रहे थे उस समय अस्पताल ने फर्जी मरीज दिखाकर प्रशासन ने ऑक्सीजन सिलेंडर ( oxygen cylinder ) लिए और फिर उन्हे ब्लैक किया।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. जिले के एक अस्पताल पर उसके ही सुपरवाइजर ने ऑक्सीजन ( oxygen ) की कालाबाजारी करते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर काे ब्लैक में बेचने के आरोप लगाए हैं। सुपरवाइजर के अनुसार इससे जरूरतरमंद रोगियों काे समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल सकी और उनकी मौत हो गई। सुपरवाइजर ने इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें उसने खुलेआम अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर आरोप लगाए हैं।
वीडियो में सुपरवाइजर कह रहा है कि जिस समय कोरोना संक्रमण पीक पर था और ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर मारामारी मची हुई थी उस दौरान अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन के नाम पर जमकर रूपये कमाए। अस्पताल में ज्यादा मरीज दिखाकर आक्सीजन सिलेंडर प्रशासन से प्राप्त किए और उसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर की अस्पताल के भीतर जमकर कालाबाजारी की। सुपरवाइजर का आरोप है कि एक-एक ऑक्सीजन सिलेंडर ( oxygen cylinder ) के लिए 50-80 हजार रुपये वसूले। इतना ही नहीं गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन देने के नाम पर मात्र खानापूर्ति की गई जिससे उनकी जान चली गई।
सुपरवाइजर ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही के कारण प्रतिदिन करीब मरीजों की मौत हुई। मरीजों की मौत पर परिजनों ने हंगामा भी किया लेकिन अस्पताल प्रशासन की दबंगई और अभद्रता के कारण कोई कुछ नहीं कर सका। बता दें कि इससे पहले भी इस अस्पताल पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। कोरोना मरीजों का अस्पताल में ठीक से इलाज नहीं देने के आरोप में परिजनों ने जमकर हंगामा किया था और रोड भी जाम किया था। बाद में प्रशासन ने जांच बैठा दी थी जो आज तक पूरी नहीं हाे सकी है।