अफगान में तालिबानी ( Taliban ) हुकूमत के विरोध में उतरा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच महिला प्रकोष्ठमहिला प्रकोष्ठ की संयोजिका के घर पर हुई बैठक में आवाज की गई मुखर
मेरठ (meerut news) अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत के विरोध में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की महिला प्रकोष्ठ उतर आई हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजिका शाहीन परवेज के आवास पर एक बैठक हुई जिसमें मुस्लिम महिलाओं ने एक सुर में तालिबानी हुकूमत का विरोध किया।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय संयोजिका शाहीन परवेज ने कहा कि अफगानिस्तान आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हैं। दुनियाभर के लोग वहां के हालातों को लेकर चिंतित हैं। इस्लामिक कट्टरपंथी तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा कर वहां के शासन को अपने हाथ में लिया है तबसे वहां के निरपराध नागरिक, महिला और बच्चे तथा वृद्ध तालिबानी क्रूरता के शिकार हो रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान में मारने वाला और मरने वाला दोनों ही अफ़ग़ान मुसलमान हैं। जो सही इस्लाम को मानकर, इस्लाम, रसूल और कुरान के सिद्धांतों पर चलनेवाला अफगानी मुसलमान है वह तालिबानी मानसिकता वाले, कट्टरपंथी मुसलमान के हाथों प्रताड़ित हो रहा है।
शाहीन ने कहा कि हम भारत के मुसलमान सही इस्लाम में, रसूल में, कुरान और हदीस पर विश्वास रखते हुए यह मानते हैं कि इस्लाम सबकी सलामती, खुशहाली और भाईचारा तथा महिलाओं की इज्जत करने वाला मजहब हैं। रसूल ने फ़रमाया हैं की मां के क़दमों में जन्नत है। ऐसे में जो तालिबानी अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं पर जुल्म कर रहे हैं, निरपराध बेकसूर लोगों को मार रहे हैं, वे खुदा से और रसूल न मानने वाले लोग लोग हैं। हम भारत के मुसलमान इस तालिबानियों की घोर मजम्मत करते हैं उनका इस्लाम शरियत वाला नहीं हैं। अफ़ग़ानिस्तान में बेक़सूरों पर जो जुल्म व शितम हो रहा वह इस्लाम के नाम परा एक बदनुमा दाग है।
भारत के कुछ मुस्लिम नेताओं ने जैसे, आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सज्जाद नोमानी, मुनव्वर राणा, समाजवादी पार्टी के संभल से एम पी शाफिकुर्रह्मन बर्क आदि-आदि ने तालिबान को सही ठहराया है और उनकी तुलना भारत के स्वतंत्रता संग्रामियों से कर दी है। ऐसे लोग इस्लाम के पैरोकार नहीं हो सकते। उन्हाेंने यह भी कहा कि आज दुनिया में मुसलमान अगर कही सुरक्षित हैं तो वह भारत में हैं क्योंकि भारत का इस्लाम शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाये रखनेवाला है। आज इसी इस्लाम को स्थापित करने की जरुरत है।