Shri Krishna Janmashtami 2022 मेरठ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्साह के साथ मनाई जा रही है। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मेरठ के मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। मंदिरों में कृष्ण भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बता दें कि इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी। इस दौरान मंदिरों और घरों में श्रीकृष्ण भक्त विशेष पूजा अर्चना के साथ ही महाआरती भी करेंगे।

Shri Krishna Janmashtami 2022 आज मेरठ महानगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी काफी उत्साह के साथ शुरू हो गया है। इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी। उदया तिथि के हिसाब से कृष्ण जन्माष्टमी 19 अगस्तर 2022 को मनाई जाएगी। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आज सुबह से मेरठ के मंदिरों में सजावट का दौर जारी है। मेरठ के प्रसिद्ध औघडनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण राधा मंदिर को कोलकाता से मंगाए फुलों से विशेष प्रकार से सजाया गया है। औधड़नाथ मंदिर स्थित श्रीकृष्ण राधा मंदिर में भक्तों की काफी भीड़ है। इसके अलावा मेरठ के अन्य मंदिरों में भी जन्माष्टमी के मौके पर सजावट की गई है।
आज मध्यरात्रि श्रीकृष्ण का जन्म होगा। मंदिरों में श्रद्धालु कृष्ण को पालने में झूला झुलाएंगे। मध्यरात्रि बाद मंदिरों में विशेष महाआरती का आयोजन किया गया है। मेरठ महानगर के प्रमुख मंदिरों में भजन कीर्तन का दौर चल रहा है। मंदिरों में सुबह से भक्तों और श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिरों में विशेष श्रृंगार, पूजा अर्चना के साथ झांकियां सजाई गई हैं। मंदिरों में मध्य रात्रि मंगला आरती का आयोजन भी किया गया है। मध्यरात्रि कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई जाएगी। मंदिरों में शयन के दर्शन अर्धरात्रि तक खुले रहेंगे। मंदिरों में द्वारकाधीश को विशेष श्रृंगार किया गया है इसी के साथ ही विभिन्न प्रकार की झांकियां भी सजाई गई हैं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ शाम से लगनी शुरू हो गई।
मेरठ के सभी मुख्य मंदिरों में मध्यरात्रि बाद विशेष महाआरती के आयोजन की व्यवस्था की गई है। भगवान के बालस्वरूप लड्डूगोपाल को रजत पालने में झुलाया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा की दृष्टि से काफी चाक चौबंद व्यवस्था की है। विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में पुलिस की विशेष तैनाती की गई है। मंदिरों में मन्दिर समितियों की ओर से विशेष पूजा.अर्चना कर झांकिया सजाई गई हैं। इसी के साथ भगवान को विशेष भोग की व्यवस्था की गई है। जो कि अर्धरात्रि को लगाया जाएगा। मंदिरों में महिला सत्संग मण्डल द्वारा श्रीकृष्ण के भजन.कीर्तन किया जा रहा है।