थाना सिविल लाइन पुलिस ने सात फरवरी को पूछताछ के नाम पर उठाया था, तब से थाने के सामने बैठी है, पुलिस न तो गुनाह बता रही आैर न छोड़ रही
मेरठ। नारी सुरक्षा और उसकी फरियाद थाने में प्राथमिकता पर सुनी जाए। थानेदार किसी भी हालत में क्षेत्र में महिला उत्पीड़न रोके। एक दिन पहले डीजीपी आेपी सिंह ने समीक्षा बैठक में कुछ यही कहा था। इसस नसीहत पर मेरठ पुलिस काम नहीं कर रही। सात फरवरी को थाना सिविल लाइन पुलिस महिला के पति को उसके घर से उठाकर लायी थी। चार दिन से यह महिला थाने जाकर अपने पति का कसूर पूछ रही है आैर उसे छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन यहां उसकी कोर्इ नहीं सुन रहा। आज तो पति को निर्दोष और उसे थाने से छोड़ने की गुहार लगाती-लगाती यह महिला थाना परिसर में ही गिरकर बेहोश हो गई।
यह भी पढ़ेंः कालसर्प आैर मन की मजबूती के लिए वरदान पाने का दिन है महाशिवरात्रि पर्व
यह है मामला
जामिया चौक थाना लिसाड़ी गेट निवासी नसरीन नाम की महिला का आरोप है कि इसी सात फरवरी को रात करीब एक बजे थाना सिविल लाइन की पुलिस उसके घर पहुंची और उसके पति सिकंदर को पूछताछ के लिए जबरन उठाकर ले आई। सात फरवरी से रविवार तक बराबर थाना सिविल लाइन के बाहर भूखी-प्यासी बैठी है और पुलिस से अपने पति का गुनाह पूछ रही है। नसरीन का आरोप है कि उसके पति के साथ मारपीट की जा रही है और उसे करंट लगाया जा रहा है।
पुलिस ने नहीं सुनी
नसरीन का आरोप है कि नौ फरवरी को पुलिस उसके पति को अपनी जीप में बैठाकर थाने से बाहर ले गई और शाम को वापस थाने ले आई। शाम को जब वह अपने पति से मिली तो उसके पति ने बताया कि पुलिस उसे किसी अनजान जगह पर ले गई थी और उसके साथ मारपीट कर हत्या का जुर्म स्वीकारने का दबाव डाल रही है।
बेहोश हुई महिला
थाना परिसर में जब महिला की फरियाद किसी ने नहीं सुनी, तो महिला ने रोना शुरू कर दिया। रोते-रोते महिला थाना परिसर में ही गिर गई और बेहोश हो गई। महिला के साथ परिजनों ने उसे उठाया और अपने साथ ले गए।
एसपी सिटी ने कहा
घटना के बारे में जब एसपी सिटी मान सिंह चौहान से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि पुलिस किसी को अवैध रूप से थाने में नहीं रखती। अगर ऐसा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।