मेरठ के दौराला में जहरीली शराब समझा गया मामला निकला साजिश, महिला ने प्रेमी और सुनार के साथ मिलकर भाई को मारने के लिए शराब में सायनाइड मिलाया, तीन की मौत।
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के दौराला इलाके में जिसे शुरुआत में 'जहरीली शराब' से हुई मौतें माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश निकला। पुलिस ने खुलासा किया है कि एक महिला ने अपने प्रेमी और एक सुनार के साथ मिलकर अपने ही भाई की हत्या के लिए शराब के टेट्रा पैक में साइनाइड मिलाया था। इस साजिश में न केवल मुख्य लक्ष्य की मौत हुई बल्कि उसके दो दोस्तों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी।
इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने मुख्य आरोपी पवन का मोबाइल फोन चेक किया। जांच में पता चला कि पवन पिछले एक महीने से गूगल पर 'साइनाइड', 'जहर के प्रकार' और 'जहर देने के तरीके' सर्च कर रहा था। इस डिजिटल सबूत ने पुलिस को यह साबित करने में मदद की कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी।
आपको बता दें कि इस हत्याकांड में शामिल अलका (मृतक की बहन), पवन (अलका का प्रेमी) और अशोक उर्फ सोनी (सुनार) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिसिया जांच में पता चला कि अलका अपने भाई अंकित उर्फ दौलत के व्यवहार से परेशान थी, जो अक्सर शराब पीकर उसके साथ मारपीट और बदसलूकी करता था। इसी से तंग आकर अलका और पवन ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके लिए पवन ने सुनार अशोक से संपर्क किया, जो जेवर साफ करने में साइनाइड का इस्तेमाल करता था। अशोक ने महज 500 रुपये में पवन को साइनाइड उपलब्ध कराया और उसे इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया।
घटना की जांच कर रही पुलिस के मुताबिक पवन ने पहले एक स्थानीय युवक को 100 रुपए देकर देसी शराब का एक टेट्रा पैक मंगवाया। उसने पैकेट को सावधानी से काटकर उसमें साइनाइड मिलाया और फिर उसे फेवीक्विक या टेप की मदद से दोबारा सील कर दिया ताकि किसी को शक न हो। शुक्रवार को अंकित ने अपने दोस्तों बाबूराम और जितेंद्र के साथ वही शराब पी। साइनाइड इतना घातक था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
शुरुआती जांच में पुलिस को लगा था कि तीनों व्यक्तियों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। लेकिन छानबीन की गई तब पता चला कि उसी दुकान से शराब खरीदने वाले अन्य किसी भी व्यक्ति की तबीयत खराब नहीं हुई थी। इसके बाद पुलिस का ध्यान उस एक विशिष्ट पैकेट पर गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण 'साइनाइड' पाया गया, जिससे 'शराब कांड' की थ्योरी पूरी तरह फेल हो गई और हत्या की जांच शुरू हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने बताया कि आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किए गए अन्य साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं। तीनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।