
मेरठ। कक्षा 10 और 12 की पढ़ाई करने वाले छात्रों ने गर्लफ्रेंड का खर्च पूरा करने के लिए लुटेरों का गैंग बना डाला। दीपांशु नागर, ओम, हनी कुमार और देवांश मलिक लूटपाट करते थे। कक्षा 10 और 12 की पढ़ाई करने वाले ये छात्र हैप्पी न्यू ईयर मूवी देखकर लूटपाट की तरफ चल पड़े। पहले उन्होंने गर्लफ्रेंड बनाई और उसके खर्च पूरा करने के लिए लुटेरे बन गए। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लूटपाट की दस वारदातों का पर्दाफाश किया है। चारों ओर शहर में किराए पर कमरा लेकर रहते थे और शराब पीकर लूट के लिए निकलते थे।
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि इंचौली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने कक्षा 10 और 12 में पढऩे वाले चार छात्रों को पकड़ा। जो मौजमस्ती करने और गर्लफ्रेंड का खर्चा उठाने के लिए लुटेरे बन गए। ये लोग अब तक एक दर्जन लूटपाट की वारदात कर चुके हैं। उनके कब्जे से पुलिस ने चार तमंचे, एक कार, दो बाइक, एक स्कूटी और नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
किला परीक्षितगढ़ का रहने वाला दीपांशु नागर सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा 12 का छात्र था। इस बार स्कूल में टॉपर रहकर गणित में 98 फीसदी अंक प्राप्त कर चुका है। परिवार से खर्च के लिए प्रत्येक माह सात हजार की रकम ले रहा था, जबकि पांडव नगर में 88 सौ रुपये में फ्लैट किराए पर ले रखा था। वहीं दूसरा पकड़ा गया छात्र ईश्वरपुरी निवासी ओम शर्मा करन पब्लिक स्कूल में कक्षा दस की पढ़ाई कर रहा है। खैर नगर में पिता की मेडिसन हॉल सेल की दुकान है। इनका तीसरा साथी हनी कुमार प्रगति नगर का रहने वाला है, जो मार्डन पब्लिक स्कूल में कक्षा दस की पढ़ाई कर रहा है। वह लूटपाट करने के लिए रात में घर से बहाना बनाकर निकल जाता था। परिवार के लोग उस समय सकते में रह गए, जब हनी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। नंगला सरूरपुर का रहने वाला देवांश मलिक उर्फ किट्टू करन पब्लिक स्कूल में कक्षा 12 की पढ़ाई कर रहा है। पिता किसान है। उनसे खर्च लेकर पढ़ाई के बजाय लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
दीपांशु नागर ने चारों छात्र ने गैंग बनाया। अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड के खर्च बढ़ने पर मूवी से सभी दोस्तों ने लूटपाट करने की पटकथा तैयार की। ओम शर्मा ने तमंचे खरीदने के लिए पापा की दुकान से रकम चोरी की तथा चार तमंचे खरीदने के बाद लूटपाट शुरू कर दी। पहली वारदात तीन अक्टूबर को की थी। वे ऐसे लोगों को टार्गेट बनाते थे, जिसने शराब पी हो, रास्ते में अकेले खड़े हों, या लिफ्ट लेकर लूटपाट करते थे।