Highlights वीडियो कॉल के जरिए दूल्हा-दुल्हन ने जतायी सहमति लॉकडाउन के कारण दूल्हा अपने घर नहीं पहुंच पाया था वीडियो कॉलिंग के जरिए मोबाइल पर ली गई रजामंदी
मेरठ। कोरोना संकट के इस दौर में देशव्यापी लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में पहले तय किए जा चुके रिश्तों के विवाह लॉकडाउन के कारण नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में किसी ने तारीख पीछे खिसका दी है तो कुछ ने तय तारीख में ही लॉकडाउन के दौरान विवाह करने के लिए मुसीबतों का सामना किया। लॉकडाउन के दौरान ही मेरठ में निकाह का ऐसा मामला आया है, जो चर्चाओं में है। दरअसल, 19 अप्रैल को आबूधाबी से दूल्हा शादी के लिए नहीं आ पाया और दुल्हन भी मुंबई में है। वीडियो कॉल पर दूल्हा-दुल्हन की सहमति ली गई। ऐसे में दोनों परिवारों की सहमति से ऑनलाइन निकाह पढ़ा गया।
शहर के पूर्वा अब्दुल वाली गली निवासी नदीम अहमद सिद्दीकी का बेटा वसीम अहमद सऊदी आबूधाबी में एक शॉपिंग मॉल में जॉब करता है। वह पिछले पांच सालों से वहां असिस्टेंट मैनेजर है। वसीम की शादी 19 अप्रैल को मुंबई निवासी सैय्यद वसी रजा की बेटी सैय्यद आफरीन बानो से तय हुई, लेकिन लॉकडाउन के चलते वसीम आबूधाबी से मेरठ नहीं आ सका और उसकी बाराता मुंबई नहीं जा सकी।
शादी की तारीख आने से पहले ही दोनों पक्षों ने इस समस्या से निबटने की योजना बना ली थी। दूल्हे के पिता नदीम अहमद ने नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन से इस संबंध में बातचीत की। रविवार को मोबाइल वीडियो कॉलिंग के माध्यम से दूल्हा-दुल्हन की रजामंदी ली गई और फिर इसके बाद निकाह पढ़ा गया व अन्य रस्में पूरी की गईं। कुछ सगे संबंधी ही लॉकडाउन में इस अनूठी शादी के गवाह बने। इस दौरान सैय्यद जमाल अहमद, हाजी अनवार अहमद, आफाक इम्तियाज, अब्दुल सत्तार आदि मौजूद रहे।