
मेरठ। जिस तरह महापौर की उम्मीदवारी के लिए प्रमुख दलों में अफरातफरी है। उससे ज्यादा पार्षद उम्मीदवारी के लिए घमासान मचा हुआ है। इसमें भाजपा नंबर वन चल रही है। यहां आैसतन हर वार्ड से सात लोग पार्षद की उम्मीदवारी चाह रहे हैं। एेसे में उम्मीदवार तय करने वाली कमिटी के लिए काम बढ़ गए हैं। प्रदेश में सत्ता होने से पार्टी कार्यकर्ता वार्ड से जीतकर अपनी धमक दिखाना चाहते हैं। इसलिए इनमें उम्मीदवारी के लिए घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस, सपा आैर बसपा में भी वार्ड से लड़ने की होड़ है, लेकिन किसी भी दल ने पार्षद की उम्मीदवारी पर हरी झंडी नहीं दिखार्इ है। अभी वह उम्मीदवारों के आवेदनों की जांच कर रहे हैं, जबकि नामांकन के लिए सिर्फ चार दिन बाकी हैं।
90 वार्ड में इतने उम्मीदवार
नगर निगम का पार्षद बनने के लिए भाजपा कार्यकर्ताआें में क्रेज किस तरह से है, आवेदनों से देख सकते हैं। निगम के 90 वार्डों के लिए भाजपा में 650 से ज्यादा आवेदन आए हैं, यानि हर वार्ड आैसतन सात से आठ। इसमें भी आवेदक अपने बड़े नेताआें की 'जैक' लगवा रहे हैं। 90 वार्ड में से भी करीब 15 वार्ड एेसे हैं, जो हिन्दू कम, ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले हैं। पार्टी इसे देखते हुए उम्मीदवार उतारने की सोच रही है। वहीं भाजपा में पार्षद उम्मीदवारों को तय करने के लिए मंथन चल रहा है आैर महापौर उम्मीदवार की घोषणा होने के बाद यह लिस्ट जारी की जाएगी। भाजपा के मीडिया प्रभारी आलोक सिसौदिया का कहना है कि पार्षद चुनाव को लेकर कार्यकर्ताआें में काफी जोश है। इसलिए काफी आवेदन आए हैं।
अन्य दलों में भी यही
पार्षद उम्मीदवारी के लिए कांग्रेस ने 300 से ज्यादा की लिस्ट प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को भेजी है। सपा आैर बसपा ने भी हार्इकमान को इतनी ही उम्मीदवारों की लिस्ट भेजी है। 90 वार्डों के लिए इतने उम्मीदवार के आवेदन पर मेरठ से लखनऊ तक माथापच्ची चल रही है, लेकिन दल एक-दूसरे की लिस्ट का इंतजार भी कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि महापौर आैर पार्षद के लिए अच्छे उम्मीदवार खड़े किए जाएंगे, इसलिए बहुत विचार-विमर्श के बाद लिस्ट तैयाार की जा रही है।