होटल पिटाई होने से गुस्साए दरोगा ने दिया सनसनीखेज बयान
मेरठ. मेरठ के बाईपास स्थित ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट में दरोगा और पार्षद के बीच हुआ मारपीट प्रकरण अभी शांत नहीं हुआ है कि इस मामले को लेकर जिले में बवाल मचा हुआ है। दरोगा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने और पुलिस अधिकारियों के अपने दरोगा के पक्ष में आने के बाद दरोगा के हौसले भी बुलंद हैं। दरोगा छुट्टी पर चला गया है और किसी भी तरह के समझौते से उसने इनकार कर दिया है। दरोगा ने कहा है कि अगर समझौता होता भी है तो पहले भरी पंचायत में पार्षद का पांच थप्पड़ मारूगा उसके बाद ही कोई बात करूंगा। दरोगा का कहना है कि वह अपनी बेइज्जती भूल नहीं सकता। उसको पांच थप्पड़ लगे हैं। गिराया अलग गया है। इसलिए पहले पांच थप्पड़ का हिसाब होगा। वहीं महिला अधिवक्ता ने भी अपनी जान को खतरा बताया है। उसका कहना है कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं। उसको सुरक्षा प्रदान की जाए।
बीते शुक्रवार को नेशनल हाईवे स्थित होटल ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट के मालिक व भाजपा पार्षद मुनीष पंवार और मोहददीनपुर चैकी इंचार्ज सुखपाल पंवार के बीच बुरी तरह से मारपीट की थी। मामला खाने को लेकर विवाद से शुरू हुआ था। दरोगा के साथ उसकी महिला अधिवक्ता भी थी। पार्षद और रेस्टोंरेट मालिक पर आरोप है कि उसने महिला अधिवक्ता के साथ भी छेड़छाड़ व अभद्रता की थी। पार्षद के दो सालों व कर्मचारियों ने भी दरोगा के साथ बदसलूकी की और उसको गिरा दिया था। दरोगा और महिला अधिवक्ता की एफआईआर पर पार्षद और रेस्टोरेंट संचालक को जेल भेज दिया गया है। जबकि दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है।
एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि वर्दी पर हाथ डालना गंभीर अपराध है। इसमें सीधे कानूनी कार्रवाई ही होगी। उन्होंने कहा कि दरोगा को पीटा गया और वीडियो बनाई गई। इससे साफ जाहिर होता है कि होटल संचालक में कहीं भी कानून का भय नहीं दिखा। सरेआम गुंडागर्दी करने वालों केा बक्शा नहीं जाएगा।