Meerut News: उत्तर प्रदेश सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ग्रामोद्योग और माटीकला योजनाओं के तहत 10 लाख तक का ऋण और सब्सिडी दे रही है। इच्छुक आवेदक 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
Loan Subsidy UP: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत बड़ी राहत दी जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से इच्छुक युवाओं और कारीगरों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण और आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। खास बात यह है कि इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है।
मेरठ जिला ग्रामोद्योग विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत विशेष पहल की है। इस योजना में लाभार्थियों को मात्र 4 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। इससे छोटे उद्योग, दुकान या अन्य व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे आसानी से अपना रोजगार स्थापित कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत माटीकला से जुड़े कारीगरों, समूहों और समितियों को भी बड़ी राहत दी जा रही है। इस योजना में परियोजना लागत का 95 प्रतिशत तक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 25 प्रतिशत राशि मार्जिन मनी अनुदान के रूप में दी जाएगी। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के कारीगरों के लिए स्वरोजगार का मजबूत विकल्प बनकर उभरी है।
माटीकला रोजगार योजना के लिए उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है और आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। साथ ही आवेदक का साक्षर होना भी जरूरी है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र में छोटा या मध्यम स्तर का उद्यम स्थापित कर सकता है, जिससे उसकी आय के स्थायी स्रोत बन सकें।
इन योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। माटीकला रोजगार योजना के लिए आवेदन upmatikalaboard.in पर किया जा सकता है, जबकि ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए mmgrykhadi-upsdc.gov.in पोर्टल उपलब्ध है। इच्छुक आवेदक 31 मई तक इन वेबसाइट्स पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत जनपद में 9 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक इकाई को बैंकों के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को केवल 4 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि शेष ब्याज की राशि सरकार द्वारा अगले पांच वर्षों तक अनुदान के रूप में वहन की जाएगी। इससे नए उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलेगा।