एक तरफ ट्रेनों की लेट लतीफी वहीं दूसरी ओर रद यात्री ट्रेन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मेरठ के लोगों को लखनऊ के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए अब गाजियाबाद या फिर दिल्ली जाना पड़ रहा है। मेरठ से लखनऊ तक जाने वाली राज्यरानी ट्रेन को अब 28 जून तक के लिए रद कर दिया गया है। वहीं ट्रेनें भी अब 8—10 घंटे देरी से चल रही है।
मेरठ से चलने वाली राज्यरानी ट्रेन को रेलवे ने एक बार फिर से बिना किसी पूर्व सूचना के रदद कर दिया है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक जाने वाली इस ट्रेन को रेलवे ने 28 जून तक के लिए रद किया है। राज्यरानी के रदद होने से लखनऊ जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि राज्यरानी दिन में लखनऊ पहुंचती है। कुछ लोग इसी ट्रेन से लखनऊ जाते हैं और अपना काम खत्म कर इसी से वापस लौट आते हैं। जिससे समय की बचत हो जाती है। लेकिन अब इस ट्रेन के रद होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गमी की छुट्टियों के बावजूद राज्यरानी एक्सप्रेस को 28 अप्रैल से अब तक छह बार रद किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि इस समय मालगाड़ियों से कोयले की ढुलाई चल रही है। जिस कारण से यात्री ट्रेनों को रद किया जा रहा है। राज्यरानी को अब 28 जून तक के लिए रद कर दिया गया है। मेरठ से लखनऊ जाने के लिए अब मात्र नौचंदी एक्सप्रेस का सहारा है। इससे पहले राज्यरानी को 28 अप्रैल से आठ मई, 12 मई से 22 मई तक के लिए रद किया गया था। ट्रेन 24 मई से तीन जून तक रद की गई। इसके बाद तीन जून से 12 जून तक के लिए रद की गई थी।
उसके बाद अब एक दिन का आदेश रेलवे ने दिया कि ट्रेन 14 जून तक रद रहेगी। लेकिन अब इसी को 28 जून तक के लिए रदद कर दिया गया है। वहीं ट्रेने की लेट लतीफी से भी लोग परेशान हैं। पुरी से चलकर ऋषिकेश को जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से सात घंटे की देरी से मेरठ सिटी स्टेशन पहुंची। उत्कल एक्सप्रेस का सिटी स्टेशन पहुंचने का समय दिन में 14.52 है। जबकि ये ट्रेन रात दस बजे के बाद सिटी स्टेशन पहुंची। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।