मेरठ

415 Days Ago Utkal Express Accident Live: मुजफ्फरनगर के खतौली में उन चीत्कारों की याद आते ही आज भी खड़े हो जाते हैं रोंगटे!

19 अगस्त 2017 की शाम 5.46 पर उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे उतरे, हुर्इ थी 23 की मौत आैर 81 रेलयात्री घायल  
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Oct 10, 2018
meerut
415 Days Ago Utkal Express Accident Live: मुजफ्फरनगर के खतौली में उन चीत्कारों की याद आते ही आज भी खड़े हो जाते हैं रोंगटे!

मेरठ। यूपी के रायबरेली में 10 अक्टूबर बुधवार की सुबह न्यू फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन हादसा हो गया। इस हादसे में सात लोगों की मौत आैर 21 घायल हुए हैं। यह हादसा तब हुआ जब न्यू फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन के नौ कोच सुबह हरचंदपुर रेलवे स्टेशन से 50 मीटर दूर पटरी से उतर गए। हादसे के बाद राहत आैर बचाव कार्य चल रहा है। यह हादसा पिछले साल मुजफ्फरनगर के खतौली में हुए उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे की याद दिला रहा है। 415 दिन पहले 19 अगस्त 2017 को शनिवार की शाम 5.46 मिनट पर मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे में हरिद्वार से दिल्ली जा रही उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इनमें 23 रेल यात्रियों की मौत हुर्इ थी आैर 81 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद एेसी चीख-पुकार मची थी कि इसकी आवाज पूरे देश ने सुनी थी। रेलवे ने चार अफसरों समेत आठ लोगों को सस्पेंड किया था, जिनका रेलवे कोर्ट में अब भी सुनवार्इ चल रही है। 23 रेल यात्रियों की मौत आैर 81 घायलों के इस हादसे में रेलवे के ये अफसर आैर कर्मचारी सस्पेंड चल रहे हैं, सुनवार्इ के बाद रेलवे मजिस्ट्रेट इन्हें क्या सजा देते हैं, इसका इंतजार सभी को है। खतौली में उत्कल एक्सप्रेस हादसे में उस दिन क्या-क्या हुआ था, हम उस दिन के दृश्य यहां लाइव कर रहे हैं...

Live 1:

19 अगस्त 2017 दिन शनिवार को तहसील के पास इलाके में रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम चल रहा था। उस दिन हलकी बारिश भी हुर्इ थी। रेलवे ट्रैक की बाएं हाथ की पटरी पूरी तरह से कटी हुर्इ थी। मशीनों के साथ रेलवे गैंग के चार लोग मरम्मत का काम कर रहे थे। शाम के समय हल्की बारिशा हुर्इ तो गैंग के सभी लोग उससे बचने के लिए ट्रैक छोड़कर साइड आेट में खड़े हो गए। शाम 5.46 बजे उत्कल एक्सप्रेस 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मेरठ की आेर आ रही थी। टूटे ट्रैक पर ट्रेन जैसे ही पहुंची तो तेज धमाका हुआ आैर इसके उतरे 14 डिब्बों में से शुरू के कर्इ डिब्बे एक-दूसरे पर आैर कर्इ डिब्बे आसपास के मकानों के समीप जाकर गिरे। इससे इन मकानों में दरारें आ गर्इ।

Live 2:

धमके के साथ रेलवे ट्रैक से उतरे 14 डिब्बों में से रेल यात्रियों के शव निकलकर बाहर गिरने लगे। चीख-पुकार मच गर्इ, लेकिन पुलिस को कोर्इ अता-पता नहीं था। करीब एक घंटे बाद लोगों के फोन पर पुलिस मौके पर पहुंची, फिर राहत कार्य शुरू हुआ। खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के हादसे की खबर लखनउ तक भी पहुंची, तब जाकर विशेष राहत टीमें पहुंची।

Live 3:

हादसे के बाद पुलिस जब एक घंटे बाद पहुंची, उससे पहले खतौली के लोगों ने मदद की एेसी मिसाल कायम की, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। दरअसल, रेलवे ट्रैक के बराबर में ही कालोनी के साथ-साथ कुछ फैक्ट्रियां हैं। इन फैक्ट्रियों के वर्कर्स अपने यहां से गैस कटर ले आए आैर रेलवे के डिब्बे काटकर लोगों को डिब्बों से बाहर निकाला आैर खतौली के अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों के लिए लोगों ने अपने दम पर शिविर लगाए आैर यहां खाने की भी व्यवस्था की। खतौली के अस्पतालों में जगह नहीं थी तो मेरठ आैर मुजफ्फरनगर के अस्पतालों में घायल शिफ्ट किए गए।

Live 4:

उस दिन खतौली में सबकी जुबान पर उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा ही चढ़ा था। रेलवे हादसे के कारण यहां की बिजली की तारें किस कदर टूटी थी, यह इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे खतौली में उस दिन अंधेरा था। खतौली के अंदर किसी भी वाहन को आने नहीं दिया जा रहा था। चौराहों पर लोगों की मंडलियां हादसे के शिकार लोगों की चर्चा आैर उनकी मदद करने की युक्तियां सोच रहे थे। हर कोर्इ रेलवे ट्रैक की आेर जाना चाहता था आैर इसलिए पुलिस ने हादसे वाले इलाके को सील कर दिया था। शुरू में राहत आैर बचाव के सरकारी इंतजाम कम पड़ रहे थे, लेकिन बाद में विभिन्न विभागों के बड़े अफसर यहां पहुंचे तो इंतजाम पुख्ता किए गए।

Live 5:

19 अगस्त 2017 को हुए इस उत्कल एक्सप्रेस हादसे में 23 लोगों की मौत हुर्इ थी आैर 81 लोग घायल हुए थे। इनमें अधिकतर श्रद्धालु थे, जो हरिद्वार से दर्शन करके लौट रहे थे। भारतीय रेलवे की आेर से अपने विभाग के चार अफसर आैर चार कर्मचारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया, जिनकी सुनवार्इ आज भी चल रही है। यदि ट्रैक पर काम होने के कारण उत्कल एक्सप्रेस के ड्राइवर को सिग्नल मिल जाता तो शायद यह हादसा न होता। हालांकि खतौली के इस ट्रेन हादसे के बाद से रेलवे विभाग के अफसरों ने कोर्इ सबक नहीं सीखा, वरना बुधवार को रायबरेली में न्यू फरक्का ट्रेन हादसा न होता।

Updated on:
10 Oct 2018 01:55 pm
Published on:
10 Oct 2018 01:55 pm