Highlights: -मई 1971 में रहा था जिले का तापमान 33:8 डिग्री सेंटीग्रेट -उस दिन हुई थी तेज बारिश और आई थी आंधी -लॉकडाउन के चलते तापमान में दर्ज हो रही गिरावट
मेरठ। जनपद में मई के पहले दिन ही तापमान ने पिछले 49 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। ऐसा हम नहीं मेरठ कालेज के भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. कंचन सिंह का कहना है। डा. कंचन सिंह के अनुसार तापमान में मई के पहले दिन ही करीब 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मेरठ का तापमान मई के पहले दिन 34 डिग्री रहा। पिछले दशकों पर मई के तापमान पर नजर डाले तो कभी भी 40 से कम नहीं रहा। लेकिन इस बार पहले ही दिन तापमान 34 डिग्री तक रहने से पिछले 49 साल का रिकार्ड टूट गया।
दरअसल, मौसम में सुबह से ही नरमी दिखाई दे रही थी। हवा में भी गर्मी वाले तेवर नहीं दिखे। डा. कंचन सिंह ने बताया कि वर्ष 1971 में मई की शुरूआत में तापमान 33:8 डिग्री रहा था। वह भी सिफ मौसम में आए बदलाव के कारण हुआ था। उस दिन बारिश और आंधी आई थी। जिसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन आज मई के पहले दिन तापमान में बदलाव का कारण लॉकडाउन को माना जा रहा है। उनका कहना है कि लॉकडाउन के चलते सभी प्रदूषण के कारक लगभग बंद हैं। इसका असर वातावरण में साफ देखने केा मिल रहा है।
यही कारण है कि इस बार तापमान में जो वृद्धि अप्रैल से शुरू हो जाती थी वह दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यह अच्छा संकेत है। प्रकृति को भी इस लॉकडाउन से बहुत राहत मिली है। उन्होंने कहा कि लॉक्उाउन से भले ही लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन प्रकृति और उसके कारकों को इससे बहुत लाभ हुआ है उन्होंने बताया कि आगे आने वाले 10 दिनों यानी 10 मई तक तापमान 40 डिग्री से अधिक नहीं जाएगा। यह मेरठ वासियों के लिए राहत की बात है।