पंजाब आैर हरियाणा में धान के अवशेष जलाए जाने से वेस्ट यूपी-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति खराब हुर्इ
मेरठ। पंजाब आैर हरियाणा में धान के अवशेष (पराली) जलाए जाने से दिल्ली, एनसीआर आैर वेस्ट यूपी में वायु प्रदूषण की बुरी स्थिति हो गर्इ है। यह स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों के लिए काफी घातक हो सकती है। पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली, एनसीआर आैर वेस्ट यूपी की हवा में हानिकारक कण घुल रहे हैं। सरदार वल्लभ भार्इ पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि इस बार स्माॅग का असर काफी पहले दिखार्इ दे रहा है। मौसम में पिछले एक महीने में बहुत बदलाव देखने को मिला है। नमी बढ़ने से रात का तापमान बढ़ रहा है। उन्होंने मानना है कि दिल्ली, एनसीआर व वेस्ट यूपी की हवा में जहरीले कण घुल रहे हैं, इससे घुटन बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में तेज हवा चले या बारिश हो, तभी इस स्थिति से लोग बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल लोग इस हवा से बचने के लिए मास्क पहन सकते हैं। बच्चों के लिए तो अनिवार्य है, यदि स्थिति नहीं सुधरी तो बड़ो को भी मास्क पहनने पड़ सकते हैं।
पिछले दस दिन में बदली है आबो-हवा
दिल्ली, एनसीआर आैर वेस्ट यूपी में पिछले दस दिन में वायु प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब हुर्इ है। जहां तक मेरठ की बात करें तो पीएम 2.5 आैर पीएम 10 का लेवल बढ़ता जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रात का तापमान बढ़ता जा रहा है, इससे मौसम में नमी बढ़ रही। साथ वायु प्रदूषण की स्थिति खराब होगी। आर्द्रता बढ़ती जा रही है। इससे स्माॅग की स्थिति ठीक नहीं है। अगर बारिश या तेज हवा नहीं चलती तो दिल्ली, एनसीआर आैर वेस्ट यूपी में घुटन लोगों को तकलीफ देगी आैर वायु प्रदूषण की स्थिति आैर खराब रहेगी।