Meerut Bhuteshwar Mahadev सावन के महीने में मेरठ के बुढ़ाना गेट स्थित भूतेश्वर महादेव की पूजा का अपना विशेष महत्व है। कहा जाता है कि सावन के महीने में भूतेश्वर नाथ महादेव की अपने भक्तों पर विशेष कृपा होती है। सावन के महीने में जो भी शिवभक्त शाम के समय सूर्यअस्त के बाद भूतेश्वर नाथ महादेव की पूजा करता है जलार्पण करता है उसकी सभी मनोकामनाएं भगवान भोलेनाथ पूरी करते हैं।

Meerut Bhuteshwar Mahadev जुलाई से श्रावण मास शुरू हो रहा है। श्रवण मास में भगवान शिव की पूजा का अपना विशेष महत्व है। कहते हैं कि पूरे साल अगर भगवान भोलेनाथ की पूजा नहीं की और इस एक महीने शिव पर जलार्पण भी कर दिया तो भी भगवान शिव अपने भक्तों पर प्रसन्न हो जाते हैं। मेरठ में सावन की तैयारियां जोरों पर है। मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों को खूबसूरत तरीके से सजाया गया है। बता दें कि पिछले दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते सावन मास में मंदिरों में ताले ही लटके रहे। लेकिन आज जब कोरोना संक्रमण कम हो गया है और तो ऐसे में धार्मिक गतिविधियां भी तेज हो गई है।
मेरठ में यूं तो शिव के कई मंदिर हैं जो कि सिद्धपीठ हैं और हर शिव मंदिर का अपना अलग अलौकिक महत्व है। लेकिन बुढ़ानागेट स्थित भगवान भूतेश्वर नाथ महादेव मंदिर का सावन के दिनों में महत्व बढ़ जाता है। जैसा कि बताया जाता है कि भूतेश्वर नाथ महादेव की पिंड़ी स्वयंभू हैं। यानी यह जमीन से स्वयं प्रकट हुई है। इस शिवलिंग की विशेषता ये है कि यह नर्मदा के पत्थर की तरह ना होकर कुछ अलग ही है। दिन में भले ही कोई इस पर जलार्पण ना करें लेकिन यह हमेशा जल से भीगा हुआ होता है।
कहा जाता है कि भूतेश्वर महादेव शिवलिंग में स्वत: ही जल रिसता रहता है। जिससे ये हमेशा तृप्त रहते हैं। मंदिर के पुजारियों की माने तो सावन के महीने में भूतेश्वर महादेव की शाम को दिन छिपने के बाद पूजा करने का अपना विशेष महत्व है। सूर्यस्त के बाद भूतेश्वर महादेव की पूजा सावन के महीने में की जाए तो मुंहमांगी मुराद पूरी होती है। बताया जाता है कि भूतेश्वर महादेव मंदिर में शाम के समय भक्तों की भीड़ जुटती है।