
मेरठ। भले ही सूबे की पुलिस हाईटेक हो गई हो, लेकिन जिन लोगों ने वर्दी पहनकर कानून की रक्षा करने का वचन लिया उस वर्दी के पीछे भी तो एक इंसान ही है। अंधविश्वास और इंसान का पुराना नाता है। इस अंधविश्वास की छाया अब मेरठ के एक ऐसे थाने पर पड़ गई है। जिसके कारण थाना परिसर को भूत-प्रेतों से मुक्त कराने के लिए जादू-टोने का सहारा लिया जा रहा है।
खरखौदा थाने में चल रहे टोने-टोटके
यह थाना मेरठ जिले के खरखौदा है। जहां तैनात पुलिसकर्मी बढ़ते अपराधों के कारण आजकल खुद परेशान है। बढ़ते अपराधों पर काबू करने के लिए ओझा-तांत्रिकों को बुलाया जा रहा है। वे थाने में तरह-तरह के उपाय कर थाना को प्रेत बाधाओं से मुक्त कर रहे हैं। हालांकि थानाध्यक्ष इस बात से कन्नी काट रहे हैं और वे ऐसी किसी भी बात से इंकार कर रहे हैं, लेकिन थाने में तैनात अन्य पुलिसकर्मी और आसपास के लोग दबी जुबान में यह स्वीकारते हैं। थाना क्षेत्र के लोगों का कहना है कि खरखौदा थाना क्षेत्र में लगातार अपराध बढ़े तो पुलिसकर्मियों ने अपराध रोकने के बजाय टोटके और तंत्रमंत्र शुरू कर दिये है। खुद थाना में तैनात पुलिसकर्मी भी टोटके वाली बात को सही भी ठहरा रहे हैं।
दो महीने से हो रही आपराधिक घटनाएं
बताते चलें कि इस थाना क्षेत्र में पिछले दो महीने से लगातार कई अपराधिक घटनाएं हुई हैे। अधिकांश घटनाओं में कई तो हत्या की है। बताते चलें कि थाना क्षेत्र में एक हत्याकांड के बाद ग्रामीणों ने शव थाने के सामने रखकर जाम लगा दिया था। तब से घटनाएं हो रही थीं। इन घटनाओं का सिलसिला शुरू हुआ तो पुलिस ने अपना टोटका आजमाया। जानकारी के अनुसार 15 दिन पहले एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने उक्त युवक का पंचनामा भरा था। टोटके के आधार पर पुलिस ने उक्त पंचनामे के कागज को फर्श पर रखकर पांच जूते मारे और फिर थाने के अभिलेखों के नीचे दबाकर रख दिया। पुलिस का मानना है कि इस टोटके से अपराधों पर अंकुश लगा है। इस बारे में एसपी देहात राजेश कुमार से बात की गई तो उनका कहना था उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। इसका पता करवाया जाएगा।