पुलिस ने गिरफ्तार किया, मृतका के पिता ने दामाद पर लगाए आरोप
मेरठ। सात माह पूर्व जिस युवक के साथ प्रेम विवाह किया और जिसने उसका साथ निभाने और रक्षा का वचन दिया उसी युवक ने जरा सी कहासुनी पर पत्नी के सिर पर लोहे की राॅड मारकर हत्या कर दी। पत्नी कमरे में पड़ी दर्द से तड़पती रही और पति पास ही खून से सनी लोहे की राॅड लेकर उसके मरने का इंतजार करता रहा। धीरे-धीरे जब सांसों ने पत्नी का साथ छोड़ दिया तो हत्यारोपी पति भी मौके से फरार हो गया। जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया। मामला टीपी नगर थाना क्षेत्र के गोलाबड़ का है। सात महीने पहले प्रेम विवाह करने वाले घाट निवासी युवक ने रात सिर में रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर अपनी पत्नी को दर्दनाक मौत दे दी। घटना का पता सुबह कमरे में लहूलुहान शव पड़ा मिलने पर हुई। बेटी के मौत की सूचना पर उसके परिवार के लोग भी आ गए। उन्होंने मृतका के पति और उसके चार भाइयों सहित बहन-बहनोई के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।
सात महीने दोनों ने किया था प्रेम विवाह
परतापुर थाना क्षेत्र के गांव घाट निवासी शेखर ने सात महीने पहले अपने पड़ोस में रहने वाली पूनम से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के परिजनों ने इस विवाह को स्वीकार नहीं किया तो थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां पर दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने पर जीने मरने की कसमें खाई। युवक अपनी पत्नी पूनम को टीपीनगर थाना क्षेत्र के गोलाबड़ निवासी अपनी बहन बबीता के यहां लेकर आ गया और दोनों वहीं रहने लगे। रात दो बजे किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। जिसके बाद शेखर ने लोहे की रॉड से पत्नी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर पर लोहे की राॅड लगने से पूनम ने थोड़ी देर तड़पने के बाद मौके पर ही दम तोड़ दिया। आरोपी के अनुसार वह तब तक वहीं बैठा रहा जब तक कि उसकी पत्नी की मौत नहीं हो गई। सुबह होने पर पुलिस को घटना का पता लगा। इसके बाद पूनम के परिजनाें को उसकी मौत की जानकारी दी गई।
मृतका के पिता ने लगाए ये आरोप
पूनम के पिता जगमाल का कहना है कि शादी के बाद से शेखर काम-धंधा नहीं कर रहा था। वह पूनम पर ही कमाकर लाने का दबाव डालता था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में झगड़ा रहता था। कई बार पूनम ने इसका विरोध भी किया तो उसने पूनम पर हाथ उठा दिया था। जिससे दोनों के बीच तनाव रहने लगा था। खुद उसने भी शेखर को नौकरी करने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माना।