कथित सूदखोर से परेशान होकर एक युवक ने जहर खाया और एसएसपी ऑफिस पहुंच गया। अफसरों काे वह अपनी पीड़ा बता ही रहा था कि उसकी तबियत बिगड़ी और अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क, मेरठ.( meerut news ) सूदखोर से परेशान एक युवक ने सल्फास खा लिया और एसएसपी ( SSP office ) पहुंच गया। युवक एसपी काे अपनी पीड़ा बता ही रहा था कि अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। जब पुलिस अफसरों काे इस बात का पता चला कि युवक ने सल्फास खाया है तो ( SSP Meerut ) एसएसपी ऑफिस में खलबली मच गई। आनन-फानन में युवक को मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
जानकारी के अनुसार थाना मेडिकल क्षेत्र के सराय काजी निवासी देवेंद्र ने अपने पड़ोसी से दस साल पहले एक लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। आरोप है कि पड़ोसी ने दस साल में ब्याज लगाकर दस लाख रुपए कर दिए। रुपये न लौटाने पर उसका मकान गिरवी रख लिया, बताया कि वह पड़ोसी को दो लाख रुपए दे भी चुका था। इसके बावजूद पड़ोसी उसके मकान के कागज देने को तैयार नहीं हैं, जिससे परेशान होकर देवेंद्र ने एसएसपी ऑफिस पर पहुंच कर सल्फास खा लिया। हालत गंभीर होने पर पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की छानबीन करने में लगी है।
बताया गया कि यह युवक दोपहर करीब 01:15 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा जहां कार्यालय में तैनात कर्मचारियों से उसने कहा कि मैंने जहर खा लिया है, मुझे अधिकारियों से बात करनी है। इस पर कर्मचारियों द्वारा कार्यालय में मौजूद एसपी क्राइम को इस मामले की जानकारी दी गई।
बताया गया कि जहरीले पदार्थ का सेवन करने से पहले एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने उसकी समस्या सुनी थी। एसपी ट्रैफिक और एसपी क्राइम द्वारा युवक से वार्ता के उपरांत उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया था लेकिेन काफी देर हाे जाने के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके उपचार के दाैरान उसकी मौत हाे गई। इस घटना के बाद अब यही चर्चा हाे रही है कि अगर एसएसपी ऑफिस में तैनात पुलिसकर्मी और अफसर मामले में गंभीरता से लेते तो युवक की जान बच सकती थी।